Tuesday , February 10 2026

छत्तीसगढ़: पीएम मोदी ने की ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव की तारीफ’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में छत्तीसगढ़ के ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव की जमकर तारीफ की है। उन्होंने अपने ऑफिशियल पोस्ट पर लिखा कि कभी माओवाद, हिंसा और पिछड़ेपन के लिए कुख्यात बस्तर अब समृद्ध संस्कृति, परंपरा, जनजातीय विरासत और बढ़ते आत्मविश्वास की नई कहानी लिख रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव की सराहना की। उन्होंने इस क्षेत्र के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए कहा कि कभी माओवाद और पिछड़ेपन के लिए जाना जाने वाला बस्तर अब विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास की नई कहानी लिख रहा है।

बदलती तस्वीर और सांस्कृतिक गौरव प्रधानमंत्री ने सात से नौ फरवरी तक आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ में बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत के भव्य प्रदर्शन का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब बस्तर का नाम लेते ही माओवाद और हिंसा की तस्वीरें सामने आती थीं, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कामना की कि आने वाला समय इस क्षेत्र के लिए शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से भरा हो।

नक्सलवाद के अंत का संकल्प गौरतलब है कि एक दिन पहले ही, नौ फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम’ के समापन समारोह में हिस्सा लिया था। उन्होंने घोषणा की कि 31 मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बस्तर अब ‘बंदूक और गोली’ की जगह ‘पर्यटन और संस्कृति’ का केंद्र बन रहा है। ‘बस्तर पंडुम’ छत्तीसगढ़ सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य बस्तर संभाग की जनजातीय संस्कृति, लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक खेलों को संरक्षित करना है। इस वर्ष के आयोजन में हजारों आदिवासी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे देश भर में सराहा गया है।