अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड ने बुधवार को तिमाही नतीजे जारी कर दिए। वेदांता को जनवरी-मार्च तिमाही में जबरदस्त मुनाफा हुआ। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्राफिट साल-दर-साल लगभग 89 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 9,352 करोड़ रुपये हो गया। यह स्ट्रीट की उम्मीदों से बेहतर रहा। जनवरी-मार्च तिमाही के लिए, इस ग्रुप का ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू 47.5 प्रतिशत बढ़कर 24,609 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के शेयरों में आज 5 फीसदी (Vedanta Share Rises) तक का उछाल देखा गया। 29 अप्रैल 2026 को वेदांता के शेयर 4.61% उछलकर 773.25 रुपये के स्तर पर बंद हुए।
यह नतीजे ग्रुप के प्रस्तावित डीमर्जर से ठीक पहले आए हैं, जो 1 मई से लागू होने वाला है। अगर आज आपने इसके शेयर खरीद लिए तो आपको इसका फायदा होगा।
वेदांता का रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनो बढ़ा
वेदांता का मुनाफा लगभग 89 फीसदी बढ़ा। इसेक साथ कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में वेदांता का परिचालन राजस्व ₹24,609 करोड़ रहा, जो एक साल पहले के ₹16,686 करोड़ से 47.48% अधिक है।
कंपनी ने कहा कि यह उसका अब तक का सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शन था, जिसमें मुनाफा, रेवेन्यू और EBITDA सभी रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंच गए। पूरे साल FY26 के लिए, Vedanta ने 25,096 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफ़ा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 22 प्रतिशत ज्यादा है, और 1.74 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो 15 प्रतिशत ज्यादा है।
वेदांता के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, अरुण मिश्रा ने कहा, “FY26 वेदांता के लिए मज़बूत काम करने का साल रहा, जिसमें पूरे पोर्टफोलियो में ऑपरेशनल परफॉर्मेंस का रिकॉर्ड बना। हमने 2.9 मिलियन टन एल्यूमिना, 2.46 मिलियन टन एल्यूमीनियम, Zinc India में 1.1 मिलियन टन माइन्ड मेटल, 895 kt पिग आयरन और 101 kt फेरोक्रोम का उत्पादन किया; यह नई क्षमताओं के विस्तार के साथ-साथ बेहतर ऑपरेशनल क्षमता को दिखाता है। इस साल, हमने ग्रोथ के लिए लगभग ₹15,000 करोड़ का पूंजीगत खर्च (capex) किया, और लांजीगढ़ ट्रेन II, नया BALCO स्मेल्टर, झारसुगुड़ा में डाउनस्ट्रीम विस्तार, Zinc India में देबारी रोस्टर, और 1.3 GW बिजली क्षमता जैसे अहम प्रोजेक्ट शुरू किए।”
Vedanta के किस बिजनेस का कैसा रहा प्रदर्शन?
एल्युमीनियम: रिकॉर्ड वार्षिक एल्युमीनियम उत्पादन 2,456 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 1% ज़्यादा है; यह मुख्य रूप से परिचालन दक्षता के जरिए हासिल किया गया।
लांजीगढ़ रिफाइनरी में रिकॉर्ड वार्षिक एल्यूमिना उत्पादन 2,916 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 48% ज़्यादा है, और इसकी एग्जिट रन रेट 4 MTPA रही।
5 सालों में एल्युमीनियम की सबसे कम COP $1,752/t रही, जो पिछले साल की तुलना में 5% कम है।
जिंक इंडिया: अब तक का सबसे बेहतरीन वार्षिक खनित धातु उत्पादन 1,114 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 2% ज्यादा है। रिकॉर्ड वार्षिक रिफाइंड जिंक धातु उत्पादन 851 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 3% ज्यादा है। 5 सालों में सबसे कम COP 959 $/t रही, जो पिछले साल की तुलना में 9% कम है।
ऑयल और गैस: पूरे साल के लिए औसत सकल संचालित उत्पादन 87.2 kboepd रहा। पश्चिमी तट क्षेत्र में अम्बे ब्लॉक में गैस की खोज हुई, जिससे R&R में 13 mmboe की बढ़ोतरी हुई।
पावर: TSPL प्लांट की उपलब्धता 83% रही। मीनाक्षी और एथेना के लिए 5 साल का, 500MW का PPA हासिल किया।
आयरन ओर, स्टील: रिकॉर्ड वार्षिक IOB पिग आयरन उत्पादन 895 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 10% ज्यादा है। रिकॉर्ड वार्षिक फेरो क्रोम उत्पादन 101 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 21% ज्यादा है। रिकॉर्ड वार्षिक कैथोड उत्पादन 170 KT रहा, जो पिछले साल की तुलना में 14% ज्यादा है।




