रायपुर 29 मई।छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आम केवल एक फल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आम उत्पादन और उससे जुड़े उत्पादों को बड़े स्तर पर विकसित करने का आह्वान किया।
श्री डेका ने कहा कि भारत विश्व में आम उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी देश है और यहां एक हजार से अधिक किस्मों के आम पाए जाते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्थानीय आमों की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के किसान उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों का उत्पादन कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आम महोत्सव जैसे आयोजन किसानों और आम उत्पादकों के लिए नई तकनीकों, उन्नत खेती पद्धतियों और नवाचारों को जानने का बेहतर मंच साबित होते हैं। बस्तर, कोंडागांव, कांकेर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में आम उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों के लिए भी इस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में “मैंगो टूरिज्म” की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आम को फलों का राजा कहा जाता है और भारतीय परंपराओं में इसका विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि आम की पत्तियों का उपयोग मांगलिक कार्यों में तोरण के रूप में तथा इसकी लकड़ियों का उपयोग हवन-पूजन में किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में 250 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें बेर के आकार के छोटे आम से लेकर बीजापुर के प्रसिद्ध “हाथीझुल” जैसे बड़े आकार के आम भी शामिल हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस महोत्सव का लाभ लेने और विभिन्न किस्मों के आमों को देखने की अपील की।
महोत्सव के उद्घाटन के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने आम उत्पादकों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न किस्मों की जानकारी ली। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित कई कृषि विशेषज्ञ, किसान और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।




