नई दिल्ली, 01 जून। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीबीएसई कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार और सीबीएसई पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को सेवा की बजाय कारोबार में बदल दिया गया है, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि यदि सीबीएसई की ओर से छात्रों के अंक गलत दर्ज किए जाते हैं, तो उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और पुनर्मूल्यांकन के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों को डिजिटल स्कैन कॉपी प्राप्त करने, पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के लिए अलग-अलग शुल्क अदा करना पड़ता है।
राहुल गांधी के अनुसार, एक छात्र को अपनी उत्तर पुस्तिका की सही जांच सुनिश्चित कराने के लिए करीब 2,000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा ऐसे आवेदन किए जाने से सीबीएसई को आर्थिक लाभ हो रहा है, जबकि गलती संस्थान की होती है और उसकी कीमत छात्रों को चुकानी पड़ती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जब शिक्षा को सार्वजनिक सेवा की बजाय लाभ कमाने का माध्यम बना दिया जाता है, तब समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें और बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर छात्रों के आत्मविश्वास, समय और भविष्य पर पड़ता है।
इससे पहले राहुल गांधी ने कुछ सीबीएसई छात्रों के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया था। वीडियो में छात्रों ने परीक्षा परिणामों और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी अपनी शिकायतें रखीं। छात्रों का कहना था कि जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी समस्याएं उठाईं, तो उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा और कई लोगों ने उन्हें देश विरोधी तक करार दिया।




