मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत बरेली को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक आधुनिक और सुव्यवस्थित महानगर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में बरेली समेत तीन जिलों को 355.06 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल स्वीकृत की गई है।
इसमें से पहली किस्त के रूप में 225 करोड़ रुपये तत्काल जारी करने का निर्णय लिया गया है। इससे बरेली के पीलीभीत बाइपास पर एक मेगा आवासीय टाउनशिप आकार लेगी, जहां लोगों को आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस घर मिलेंगे।
योजना के तहत नए शहरों के विकास के लिए जमीन खरीदने पर आने वाले खर्च का 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार की ओर से सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 20 वर्षों के लिए देने का प्रावधान है। वित्त वर्ष 2026-27 में प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए बरेली समेत तीन जिलों के लिए कुल 3500 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसमें से बरेली को एक बड़ा हिस्सा मिला है। इससे बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने दो टाउनशिप पर काम की रफ्तार को दोगुना कर दिया है।
दिल्ली रोड पर बनेगा इंडस्ट्रियल हब
दिल्ली रोड पर औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। इन दोनों योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए बीडीए अब तक किसानों से 445.27 करोड़ रुपये की जमीन खरीद चुका है। 88 हेक्टेयर भूमि बीडीए के कब्जे में आ चुकी है।
टाउनशिप के लिए शेष प्रस्तावित भूमि के अधिग्रहण और सरकारी जमीनों को प्राधिकरण के नाम दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। शासन से पहली किस्त के रूप में 225 करोड़ रुपये जारी होने के बाद अब जमीन खरीद और विकास कार्यों में और तेजी आएगी।




