रायपुर, 9 जून।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 के संचालन, तकनीकी व्यवस्थाओं और शिकायत निवारण तंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और नागरिकों को समयबद्ध एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने हेल्पलाइन संचालन, शिकायत प्रबंधन व्यवस्था और नागरिक सेवाओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री साय ने हेल्पलाइन सेंटर पहुंचकर शिकायतों के पंजीकरण, निगरानी और निराकरण की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता, जवाबदेही और तत्परता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का प्रभावी और समयबद्ध समाधान है।
कॉलर से सीधे की बातचीत
सीएम हेल्पलाइन सेंटर के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर संपर्क करने वाले रायपुर निवासी पूनाराम ठाकरे से सीधे बातचीत की। ठाकरे ने बताया कि उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े कई हितग्राहियों से भी संवाद किया। उन्होंने नागरिकों की समस्याएं और सुझाव सुने तथा संबंधित मामलों के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। नागरिकों ने भी शासन तक सीधे अपनी बात पहुंचाने की इस व्यवस्था की सराहना की।
1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां, 8,000 अधिकारी जुड़े
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां शामिल हैं और लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर जोड़ा गया है। ब्लॉक स्तर से राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के जरिए शिकायतों की सतत निगरानी और समाधान सुनिश्चित किया जाता है।
युवाओं को मिला रोजगार, सेवा गुणवत्ता में सुधार
मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी मुलाकात की और उनके कार्यों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं, जिससे न केवल सेवा गुणवत्ता में सुधार आया है बल्कि रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।
डेटा आधारित सुशासन पर जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली और विभागीय प्रदर्शन मूल्यांकन तंत्र की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया सुशासन की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का एक प्रभावी मंच है। इसके जरिए नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा और प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।




