भिलाई नगर, 11 जून। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं समाजसेवी स्वर्गीय रामप्यारा पारकर की स्मृति में आयोजित ‘सुरता पारकर 2026’ कार्यक्रम का आयोजन नेहरू नगर, भिलाई स्थित निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम में संपन्न हुआ। लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम संस्था का दसवां वार्षिक आयोजन था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं संत कबीर के चित्रों पर माल्यार्पण, संत कबीर के भजन तथा छत्तीसगढ़ राजगीत के साथ हुआ। स्वागत गीत की प्रस्तुति कुंजलता साहू, गीतांजलि साहू, प्रेमलता साहू और दिलेश्वरी साहू ने दी।
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण और सामाजिक योगदान के लिए रामप्यारा पारकर स्मृति सम्मान 2026 जगदलपुर में जिला अपराध एवं अनुसंधान शाखा की निरीक्षक एवं जिला प्रभारी माधुरी कैवर्त को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रमुख एवं समाजसेवी बिसरा राम यादव थे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में भाजपा प्रदेश संयोजक मछुआरा प्रकोष्ठ प्रदीप कुमार कैवर्त, स्मृति गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित, स्मृति नगर भिलाई के अध्यक्ष राजीव चौबे, निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम के ट्रस्टी कोषाध्यक्ष के.पी. साहू तथा लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दीनदयाल साहू शामिल रहे।
डॉ. दीनदयाल साहू ने बताया कि मुख्य अतिथि बिसरा राम यादव ने अपने संबोधन में स्वर्गीय रामप्यारा पारकर के व्यक्तित्व एवं साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पारकर का जन्म ग्राम बेलोदी में हुआ था और वहां के हाईस्कूल का नामकरण उनके नाम पर किए जाने की प्रक्रिया वर्षों से लंबित है। इसे शीघ्र पूरा कराने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।
वक्ताओं ने रामप्यारा पारकर के साहित्यिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को उनके आदर्शों और रचनात्मक कार्यों से प्रेरणा लेकर समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में पत्रिका ‘कला परंपरा’ के संपादक डॉ. डी.पी. देशमुख तथा सामाजिक कार्यकर्ता मुन्नीलाल निषाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से निषाद समाज के पदाधिकारी, साहित्यिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, साहित्यकार, निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम की महिला पदाधिकारी, ट्रस्टीगण, प्रबंधन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन जागृति सार्वा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन की दुर्ग जिला इकाई के अध्यक्ष लालजी साहू ने किया।




