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रामायण और गीता जैसे धार्मिक ग्रंथ घर की किस दिशा में रखने चाहिए?

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ऐसा माना जाता है कि यदि आपके घर में हर एक चीज वास्तु के अनुसार रखी गई हो तो सुख -समृद्धि बनी रहती है। इसी वजह से आमतौर पर लोग वास्तु एक्सपर्ट की सलाह पर घर की चीजों की सही जगह निर्धारित करते हैं।

घर में जिस तरह से मंदिर के लिए एक निश्चित स्थान तय किया जाता है, उसी तरह से धार्मिक ग्रंथों जैसे रामायण, भगवत गीता या अन्य पुस्तकें भी सही स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है। घर के पूजा वाले स्थान पर ही ग्रंथों को रखना ठीक है या फिर इसे किसी अन्य स्थान पर रखना ठीक है?

इनके लिए कौन सी दिशा उचित है? क्या इन पुस्तकों या ग्रंथों को आप बेडरूम या स्टडी रूम में रख सकते हैं? ऐसे ही कई सवालों का जवाब हमारे मन में बार-बार आता है। अगर आप इन पुस्तकों को भी सही स्थान और दिशा में रखते हैं तो इसके शुभ फल जीवन में दिखाई देते हैं। आइए आपको बताते हैं इन ग्रंथों को रखने की सही दिशा और स्थान के बारे में।

किस दिशा में रखें धार्मिक ग्रंथ?
वास्तु में ऐसा कहा जाता है कि पूजा की सभी पुस्तकें जैसे धार्मिक ग्रंथों को घर की पूर्व दिशा में रखना चाहिए। वहीं पूजा का स्थान ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व दिशा में रखना चाहिए।

वास्तु में ऐसा कहा जाता है यदि पूजा का स्थान इस दिशा में है तो सकारात्मक लाभ मिलते हैं। वहीं जब बात पूजा की पुस्तकों की होती है तो हमेशा इन ग्रंथों को सम्मानपूर्वक ही रखने की सलाह दी जाती है। वहीं सूर्य को ज्ञान का धर्म का प्रतीक माना जाता है, इसलिए ही इन्हें सूर्योदय की दिशा पूर्व में रखने की सलाह दी जाती है।

धार्मिक ग्रंथ किस स्थान पर रखने चाहिए?
आपको हमेशा धार्मिक ग्रंथ अपने आराध्य देव की मूर्ति या तस्वीर के बाईं ओर रखने चाहिए। कई लोग घर के मंदिर की शेल्फ में ही ग्रंथ रख देते हैं, लेकिन आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। आपको कभी भी धार्मिक पुस्तकों को मंदिर के ऊपर भी नहीं रखना चाहिए। धार्मिक पुस्तकों को कभी भी ऐसे स्थान पर नहीं रखना चाहिए जहां आस-पास गंदगी हो या फिर बेडरूम में रखने से बचना चाहिए।

धार्मिक ग्रंथ रखते समय ध्यान रखें वास्तु के नियम
अगर आप कोई भी धार्मिक ग्रंथ जैसे रामायण, भगवत गीता या कोई भी धार्मिक पुस्तक जैसे हनुमान चालीसा या कोई भी पुराण रख रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि आप इन सभी पुस्तकों को एक के ऊपर एक करके न रखें। इन सभी पुस्तकों के लिए घर में एक अलग शेल्फ बनवाएं और इसमें पुस्तकें खड़ी स्थिति में न रखें। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों को हमेशा लाल या पीले कपड़े में लपेटकर रखें जिससे इसकी ऊर्जा बाहर न जाए। आपको कभी भी धार्मिक ग्रंथ काले या नीले कपड़े में नहीं रखना चाहिए।

अगर आप घर में धार्मिक ग्रंथ रखते समय यहां बताए वास्तु नियमों का पालन करेंगी तो आपके जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहेगी और इसके पूर्ण लाभ मिलेंगे।