रायपुर, 31 जुलाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बिजली दरों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर लगाने और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद किए जाने के विरोध में एक अगस्त से प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दो महीने तक चरणबद्ध आंदोलन चलाकर बिजली की बढ़ी हुई दरें वापस लेने, स्मार्ट मीटर हटाने और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना दोबारा लागू करने की मांग करेगी।
राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में दीपक बैज ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में एक अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस की ओर से पत्रकार वार्ता आयोजित कर बिजली दरों में बढ़ोतरी का विरोध किया जाएगा। दूसरे चरण में दो अगस्त से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली दरों में वृद्धि वापस लेने के समर्थन में आम लोगों से आवेदन भरवाएंगे। यह अभियान दो महीने तक चलेगा। इसके बाद जिलों में एकत्रित आवेदन बिजली कार्यालयों में जमा कर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा तथा पावती ली जाएगी। अंतिम चरण में सभी जिलों से प्राप्त पावतियों के साथ मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास ही ऊर्जा विभाग का प्रभार भी है, इसलिए कांग्रेस सीधे उनसे जवाब मांगेगी।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तथा कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की है। उनके अनुसार भाजपा सरकार बनने के बाद यह पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक बिजली की दरों में कुल 31.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि कांग्रेस सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में केवल दो पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की थी और उस दौरान 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना भी लागू थी।
बैज ने कहा कि हाल के महीनों में उपभोक्ताओं के बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के अनुबंध भार क्षमता बढ़ाई जा रही है, जिससे अतिरिक्त अर्थदंड लगाकर बिल भेजे जा रहे हैं। उनका कहना था कि स्मार्ट मीटर अधिक खपत दर्ज कर रहे हैं, जिसके आधार पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अप्रैल 2026 में स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है और उपभोक्ताओं की सहमति के बिना सामान्य मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना उचित नहीं है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर जबरन लगाए जाने पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए। दूसरी, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना फिर से लागू की जाए। तीसरी, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया वापस ली जाए। बैज ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी स्मार्ट मीटर को लेकर सरकारों ने पुनर्विचार किया है और छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनहित में ऐसा निर्णय लेना चाहिए।
पत्रकार वार्ता के दौरान दीपक बैज ने बस्तर पंडुम आयोजन को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम आदिवासी समाज की सांस्कृतिक परंपरा और त्योहार है, इसे सरकारी आयोजन का स्वरूप देकर राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आयोजन के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे के दौरान करोड़ों रुपये की अनियमितताएं हुईं।
बैज ने कहा कि आदिवासी युवाओं को केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदर्शित करने के बजाय उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और विकास के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी समाज को केवल दिखावे का माध्यम बनाने के बजाय उनके वास्तविक विकास के लिए ठोस योजनाएं बनाए।




