लखनऊ, 5 अगस्त। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बिहार की बांकीपुर और मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीटों पर हुए हालिया उपचुनाव को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इन दोनों सीटों पर जानबूझकर हार स्वीकार की ताकि जनता को भ्रमित किया जा सके।
सपा संस्थापक सदस्य जनेश्वर मिश्र की जयंती पर पार्टी मुख्यालय में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा यह परखना चाहती थी कि बिना कथित चुनावी गड़बड़ियों के चुनाव जीता जा सकता है या नहीं। उनका दावा था कि बांकीपुर और दतिया में भाजपा ने वह रणनीति नहीं अपनाई, जिसका इस्तेमाल उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के चुनावों में किया गया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा अब यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि विपक्ष ईवीएम पर सवाल उठाना बंद कर देगा, जबकि वास्तविकता कुछ और है। उनके अनुसार, दोनों उपचुनावों में भाजपा की हार एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी।
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने समाजवादी विचारक जनेश्वर मिश्र को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर समाजवादी मूल्यों का पालन किया और समाज के सभी वर्गों को बिना किसी भेदभाव के जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सपा सांसद सनातन पांडेय और उनके सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेशभर में किए गए उनके संपर्क अभियान का ही परिणाम है कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
अखिलेश ने प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जिस स्थान पर कार्यक्रम की अनुमति मिलनी चाहिए थी, वहां प्रशासन ने इजाजत नहीं दी, जिसके कारण आयोजन स्थल बदलना पड़ा। उन्होंने कहा कि इससे पार्टी का अभियान रुकने वाला नहीं है।
पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के मुद्दे पर बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि ‘पी’ का अर्थ केवल पंडित ही नहीं, बल्कि पीड़ित भी है। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल पीडीए की ताकत से पराजित हुए हैं, वही इसकी अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं। उनका कहना था कि जितना अधिक उत्पीड़न होगा, पीडीए उतना ही अधिक मजबूत होकर उभरेगा।




