गुवाहाटी, 10 अगस्त। असम के धेमाजी जिले में असम-अरुणाचल प्रदेश अंतरराज्यीय सीमा पर सोमवार को भूमि अतिक्रमण के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मिंगमांग बस्ती में हुई कथित गोलीबारी में कम से कम 18 लोग घायल हो गए हैं। इनमें चार घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद दोनों राज्यों की सीमा पर तनाव बढ़ गया, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार सुबह गेरुकामुख थाना क्षेत्र के गोगामुख राजस्व मंडल के अंतर्गत असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर स्थित मिंगमांग बस्ती में हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सीमा क्षेत्र में भूमि के कथित अतिक्रमण को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद कुछ लोगों द्वारा गोलीबारी किए जाने का आरोप है।
घटना में घायल लोगों को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को बेहतर इलाज के लिए असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, डिब्रूगढ़ भेजे जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि अन्य घायलों का इलाज धेमाजी के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। अधिकांश घायलों को पैरों में गोली लगने की बात कही गई है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- स्थिति लगभग नियंत्रण में
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत चल रही है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मतभेदों को दूर करने के लिए असम सरकार के एक कैबिनेट मंत्री को अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ बातचीत के लिए भेजा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, असम के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी अरुणाचल प्रदेश के अपने समकक्ष अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए तनाव को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। बाद में सरमा ने स्थिति को ‘लगभग सुलझा हुआ’ बताया।
लंबे समय से चला आ रहा है सीमा विवाद
असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच करीब 804 किलोमीटर लंबी अंतरराज्यीय सीमा है और दोनों राज्यों के बीच कई इलाकों को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। सीमा विवाद के समाधान के लिए दोनों सरकारों ने पिछले वर्षों में कई दौर की बातचीत और समझौते किए हैं।
अप्रैल 2023 में दोनों राज्यों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सीमा विवाद के समाधान के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद विवादित क्षेत्रों की पहचान और जमीनी सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी।
हालांकि, सीमा से लगे इलाकों में जमीन और अतिक्रमण को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद समय-समय पर सामने आते रहे हैं। सोमवार की घटना ने एक बार फिर दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता स्थिति को शांत बनाए रखना और दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह के नए टकराव को रोकना है।




