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हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला: 14वीं JPSC प्रारंभिक और बैकलॉग परीक्षा होगी रद्द

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रांची, 11 अगस्त। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को विधानसभा में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने के लिए तैयार है। साथ ही, परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाओं की भी जांच कराई जाएगी।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। इसके लिए सरकार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता और तकनीकी सलाह लेगी, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सके।

विपक्ष पर जमकर बरसे मुख्यमंत्री

     विधानसभा में अपने भाषण के दौरान हेमंत सोरेन विपक्ष, विशेषकर भाजपा पर जमकर हमलावर रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग गेरुआ पहनकर ढोंग करते हैं, अब उनकी पार्टी के लोग छात्र का चोला पहनकर राजनीतिक स्वार्थ साधने में जुटे हैं।

      उन्होंने विपक्ष पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और युवाओं को भ्रमित करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान चाहती है और जिन परीक्षाओं को लेकर शिकायतें तथा संदेह सामने आए हैं, उनकी जांच कराने से पीछे नहीं हटेगी।

टीडीपीएल एजेंसी पर उठाए सवाल

      हेमंत सोरेन ने JPSC की परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कंपनी उत्तर प्रदेश की है और इसका बिहार से भी जुड़ाव रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ऐसी एजेंसियों के माध्यम से झारखंड के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

     उन्होंने कहा कि सरकार ने अपना निर्णय ले लिया है और विपक्ष चाहे जितना हंगामा करे, सरकार अपने फैसलों पर आगे बढ़ेगी। परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञ संस्थानों की मदद ली जाएगी।

विपक्ष की नारेबाजी के बीच जारी रहा भाषण

      मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने लगातार नारेबाजी की और सदन में हंगामा किया। इस पर हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष भाषणों में लोकतंत्र बचाने की बात करता है, लेकिन सदन के भीतर उसके आचरण से लोकतांत्रिक मर्यादाएं प्रभावित होती हैं।

विधानसभा घेराव का भी किया जिक्र

      मुख्यमंत्री ने सोमवार को हुए विधानसभा घेराव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस ने संयम का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा, लोकसभा और विधान परिषद जैसे संवैधानिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लागू रहते हैं। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के काफी करीब तक पहुंच गए।

     सोरेन ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अलग-अलग रूप और पहचान के पीछे छिपकर युवाओं को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर जांच प्रक्रिया को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने से रोकने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।

‘गिरने की अभी और संभावनाएं बाकी हैं’

     मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है और विपक्ष के हंगामे से सरकार अपने काम से पीछे नहीं हटेगी। विपक्ष पर राजनीतिक हमला करते हुए उन्होंने कविता की पंक्तियों का भी सहारा लिया और भाजपा के राजनीतिक पतन की ओर इशारा करते हुए कहा कि गिरने की अभी और संभावनाएं बाकी हैं”। उन्होंने दावा किया कि यह गिरावट अभी शुरू हुई है।