नई दिल्ली, 12 अगस्त। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुए छात्र आंदोलन और 21 जुलाई को संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई पर लोकसभा में चर्चा कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा। शाह ने कहा कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दिया जाएगा।
संसद में जारी गतिरोध के बीच अमित शाह ने विपक्ष को चर्चा के लिए 24 घंटे की समयसीमा का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि वह बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर 3 बजे तक सदन में मौजूद रहेंगे और इस दौरान विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में शाह ने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को चर्चा के लिए पत्र सौंप दें, ताकि दोपहर 3 बजे से बहस शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर रातभर चर्चा जारी रखने के लिए भी वह तैयार हैं और गुरुवार दोपहर 3 बजे तक सदन में मौजूद रहेंगे।
शाह ने कहा कि संसदीय चर्चाओं के लिए निर्धारित नियम और प्रक्रियाएं हैं। इतने गंभीर मुद्दे पर केवल बयान देकर चर्चा नहीं की जा सकती, बल्कि संसद में विषय पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लोकसभा अध्यक्ष अनुमति देते हैं तो वह प्रश्नकाल स्थगित करने के लिए भी तैयार हैं।
इससे पहले सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार देशभर में हुए छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर लोकसभा में विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चर्चा का जवाब देंगे, लेकिन विपक्ष को सदन की कार्यवाही में व्यवधान नहीं डालने और शांतिपूर्वक चर्चा सुनने के लिए सहमत होना होगा।
अमित शाह ने कहा कि वह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार संसद में विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा होने ही नहीं देना चाहता। उन्होंने कहा कि अब जनता को तय करना चाहिए कि वास्तव में चर्चा से कौन भाग रहा है। शाह ने यह भी कहा कि सरकार इस सवाल पर भी चर्चा के लिए तैयार है कि विपक्ष आखिर इस मुद्दे पर संसद में बहस क्यों नहीं चाहता।
राहुल गांधी का पलटवार
अमित शाह के बयान के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को संसद में गृह मंत्री का “लेक्चर” सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी यह जानना चाहती है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश आखिर किसने दिया था।
राहुल गांधी ने कहा कि यदि अमित शाह ने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था तो वह इसके लिए जिम्मेदार हैं और यदि उन्होंने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया, तो यह उनकी अक्षमता को दर्शाता है। उन्होंने तर्क दिया कि दोनों ही परिस्थितियों में अमित शाह को गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
पेपर लीक, छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ी यह राजनीतिक तकरार अब संसद में संभावित चर्चा के दौरान और तेज होने के आसार हैं।




