मुंबई, 12 अगस्त। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार, वह फरवरी 2027 में अपने मौजूदा कार्यकाल की अवधि पूरी होने तक पद पर बने रहेंगे। उनके इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद शेयर बाजार में टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में तेज हलचल देखने को मिली।
इस्तीफे की खबर के बाद देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा समूह की अन्य सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। निवेशकों के बीच नेतृत्व में बदलाव को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से टाटा समूह के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया।
बताया जा रहा है कि एन. चंद्रशेखरन का इस्तीफा टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच बोर्ड में प्रतिनिधित्व, कॉरपोरेट गवर्नेंस, कर्ज के स्तर और समूह की रणनीतिक दिशा जैसे मुद्दों पर मतभेदों की पृष्ठभूमि में सामने आया है। इससे पहले टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा की कुछ शर्तों और आपत्तियों के चलते चंद्रशेखरन के कार्यकाल के विस्तार को लेकर फैसला टाल दिया गया था। इनमें टाटा संस को भविष्य में सूचीबद्ध नहीं किए जाने से जुड़ी मांग भी शामिल बताई गई थी।
टीसीएस से टाटा संस तक लंबा सफर
एन. चंद्रशेखरन ने वर्ष 1987 में टाटा समूह के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 2009 में उन्हें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाया गया। इसके बाद वर्ष 2017 में उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला।
चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने अपने पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़ते हुए सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, विमानन समेत कई नए और रणनीतिक क्षेत्रों में विस्तार किया। उनके कार्यकाल में समूह ने कई बड़े निवेश और कारोबारी विस्तार की योजनाओं को आगे बढ़ाया।
अब उनके इस्तीफे के बाद टाटा समूह के अगले नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। साथ ही, निवेशकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि समूह के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन का उसकी विभिन्न कंपनियों और भविष्य की रणनीति पर क्या असर पड़ता है।




