रायपुर, 19 अगस्त। केंद्र सरकार के समान जनवरी 2026 से देय दो प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई राहत (डीआर) एरियर सहित प्रदान करने की मांग को लेकर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई के आह्वान पर बुधवार को रायपुर में पेंशनरों ने प्रदर्शन किया। यह महासंघ के प्रदेशव्यापी आंदोलन का दूसरा चरण था।
संभागीय आयुक्त कार्यालय परिसर में आयोजित प्रदर्शन के बाद महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय आयुक्त श्याम धावड़े को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपकर राज्य के पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को केंद्र के समान दो प्रतिशत महंगाई राहत तत्काल जारी करने की मांग की।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ रायपुर संभाग के संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि पेंशनरों की इस न्यायोचित मांग को लेकर संगठन लगातार राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2026 से पेंशनरों को दो प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई राहत का लाभ दिए जाने के बावजूद छत्तीसगढ़ के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को अब तक इसका लाभ नहीं मिलना चिंता का विषय है। उन्होंने राज्य सरकार से केंद्र के समान महंगाई राहत का आदेश एरियर सहित शीघ्र जारी करने की मांग की।
सिन्हा ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में 5 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में जिला इकाइयों ने कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। आंदोलन के दूसरे चरण में 19 अगस्त को प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन, नारेबाजी और ज्ञापन के माध्यम से पेंशनरों की मांग शासन तक पहुंचाई गई।
महासंघ ने कहा कि महंगाई राहत पेंशनरों की आर्थिक जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र और राज्य के पेंशनरों के बीच महंगाई राहत में अंतर को समाप्त करते हुए समान लाभ दिया जाना चाहिए।
रायपुर में हुए प्रदर्शन में महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव सहित प्रांतीय एवं जिला पदाधिकारी अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, लोचन पांडेय, बी.एस. दसमेर, आर.जी. बोहरे, ओ.डी. शर्मा, डॉ. श्रीमती शेषा सक्सेना, सुरेश मिश्रा, आर.के. दीक्षित, अनिल पाठक, एन.के. कन्नौजे, एम.एन. पाठक, मालिकराम वर्मा, अनिल तिवारी, टी.एल. चंद्राकर, तपन चक्रवर्ती, मालिकराम चंद्राकर, शरद अग्रवाल, आर.के. साहू और आर.के. श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पेंशनर शामिल हुए।
महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 6 सितंबर को बिलासपुर में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन ने कहा है कि इसके बाद भी पेंशनरों के हितों से जुड़े मुद्दे पर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।




