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पीएम आवास पर सियासी संग्राम तेज, विजय शर्मा की चुनौती भूपेश बघेल ने स्वीकारी

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रायपुर, 11 सितम्बर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। पीएम आवास के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा आमने-सामने हैं।

       उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की बहस की चुनौती को अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा है कि वह 15 सितम्बर को रायपुर प्रेस क्लब में पीएम आवास के मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हैं।

       दरअसल, प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद पीएम आवास योजना को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार को घेरती रही है। वहीं, भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में गरीबों के लिए बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास बनाने को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिना रही है। इसी मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

विजय शर्मा ने दी थी बहस की चुनौती

       पिछले दिनों उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पीएम आवास के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि वह पीएम आवास को लेकर भूपेश बघेल से कहीं भी चर्चा करने के लिए तैयार हैं।

       विजय शर्मा ने बहस का विषय और स्थान तय करने की जिम्मेदारी प्रेस क्लब पर छोड़ते हुए कहा था कि प्रेस क्लब जब भी समय तय करेगा, वह बहस के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि विपक्ष अपनी नाकामी छिपाने के लिए बार-बार पीएम आवास का मुद्दा उठा रहा है।

       उपमुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में अब तक करीब सवा 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूरे हो चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में दो लाख पीएम आवासों में गृह प्रवेश के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

भूपेश बघेल ने स्वीकार की चुनौती

        अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विजय शर्मा की चुनौती स्वीकार करते हुए बहस की तारीख भी तय कर दी है। बघेल ने कहा कि वह 15 सितम्बर को रायपुर प्रेस क्लब में पीएम आवास के मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हैं।

        भूपेश बघेल ने कहा कि इस मुद्दे पर केवल वह ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के सभी नेता बहस के लिए तैयार हैं। उनके इस ऐलान के बाद पीएम आवास को लेकर चल रही सियासी बयानबाजी अब आमने-सामने की बहस की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है।

अब नजर 15 सितम्बर की बहस पर

        पीएम आवास को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चल रही है। भाजपा जहां प्रदेश में बड़ी संख्या में आवास निर्माण और गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने को सरकार की उपलब्धि बता रही है, वहीं कांग्रेस इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाती रही है।

        ऐसे में यदि 15 सितम्बर को रायपुर प्रेस क्लब में दोनों पक्षों के बीच बहस होती है, तो यह पीएम आवास योजना को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में महत्वपूर्ण सियासी घटनाक्रम माना जा सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि बहस में दोनों पक्ष अपने-अपने दावों और आंकड़ों के साथ किस तरह एक-दूसरे को जवाब देते हैं।