बनारस-आगरा वंदे भारत को मथुरा तक विस्तार देने की तैयारी है, जिससे काशी, प्रयागराज, आगरा और मथुरा सीधे जुड़ जाएंगे। मथुरा जंक्शन पर करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से पिट लाइन बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि ट्रेन में खाली सीटों का मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंच चुका है।
धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से देश के तीन प्रमुख केंद्रों काशी, संगमनगरी प्रयागराज और कान्हा की नगरी मथुरा अब वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिये सीधे आपस में जुड़ जाएंगे। बनारस से आगरा के बीच संचालित हो रही वंदे भारत ट्रेन का विस्तार अब मथुरा तक किए जाने की तैयारी रेलवे कर रहा है। यूपी विधानसभा चुनाव के पहले इसकी घोषणा होने की संभावना है।
वर्तमान में यह ट्रेन (गाड़ी संख्या 20176) आगरा कैंट से चलकर प्रयागराज के रास्ते बनारस तक का सफर लगभग सात घंटे में तय करती है। ट्रेन के मथुरा तक विस्तार से यह सफर आठ घंटे से भी कम समय में पूरा हो जाएगा। इस कदम से न केवल तीनों धार्मिक शहरों के बीच आवागमन सुगम होगा, बल्कि ब्रज और प्रयाग, काशी आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी सहूलियत मिलेगी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस सेमी-हाईस्पीड ट्रेन में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं। 22 से 28 सितंबर तक के आंकड़ों पर गौर करें तो उक्त दिवसों में आगरा वंदे भारत से प्रयागराज के बीच हर रोज 600 से ज्यादा सीटें रिक्त हैं। बता दें इस संबंध में भाजपा सांसद हेमा मालिनी भी रेल मंत्री को पत्र लिखकर मथुरा तक ट्रेन के संचालन की मांग कर चुकी हैं। चेयरमैन रेलवे बोर्ड सतीश कुमार तक भी यह मामला पहुंच चुका है।
मथुरा जंक्शन में बनेगी पिट लाइन, भेजा गया है प्रस्ताव
ट्रेन के विस्तार की राह में तकनीकी रूप से मथुरा जंक्शन पर रखरखाव और धुलाई की सुविधा (पिट लाइन) का होना आवश्यक है। एनसीआर आगरा मंडल के पीआरओ संजय गौतम का कहना है कि योजना के तहत मथुरा में तकरीबन 18 करोड़ रुपये की लागत से नई पिट लाइन तैयार की जाएगी। प्रस्ताव भेजा गया है।
धार्मिक और तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा, व्यापारियों को भी मिलेगी सहूलियत
मथुरा-वृंदावन (कृष्ण जन्मभूमि, बांके बिहारी) सीधे प्रयागराज, वाराणसी (काशी विश्वनाथ, गंगा घाट) से जुड़ जाएंगे। देश-विदेश के तीर्थयात्री एक ही यात्रा में बृज और काशी के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।
पहली बार एक सेमी हाईस्पीड ट्रेन से मथुरा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज और बनारस जैसे प्रमुख शहर हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे, जिससे आवागमन का समय काफी कम होगा। व्यापारियों व आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
मथुरा, प्रयागराज, काशी में होटल, गेस्ट हाउस, स्थानीय गाइड, प्रसाद/हस्तशिल्प उद्योग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को प्रीमियम पर्यटकों की आवाजाही से सीधा राजस्व और रोजगार मिलेगा।




