लखनऊ, 11 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन का दिन उस समय विवादों में घिर गया, जब राजधानी लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच जमकर हंगामा हुआ। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान जूते-चप्पल चलने की भी खबर है। घटना से पार्टी कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और संगठन के भीतर लंबे समय से जारी मतभेद एक बार फिर सार्वजनिक हो गए।
जानकारी के मुताबिक, रविवार को मॉल एवेन्यू स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने औपचारिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभाला। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद और निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। समारोह में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने के कारण कार्यालय परिसर में भीड़ जमा हो गई थी।
इसी दौरान अजय राय के आगमन और उनके समर्थकों की ओर से रास्ता खाली कराने को लेकर विवाद शुरू होने की बात सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रास्ता देने की अपील के दौरान कथित टिप्पणी को लेकर दोनों पक्षों में बहस छिड़ गई। विवाद में पार्टी नेत्री ममता चौधरी का नाम सामने आया है। हालांकि, घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं और दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस दौरान जूते-चप्पल भी चलने लगे। हंगामे के कारण समारोह का माहौल बिगड़ गया और वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा। पार्टी नेताओं तथा सुरक्षाकर्मियों की कोशिशों के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
घटना से नाराज अजय राय अपने समर्थकों के साथ कार्यालय से बाहर निकल गए। उनके समर्थकों ने संबंधित महिला नेत्री के खिलाफ कार्रवाई और माफी की मांग उठाई। कुछ खबरों के अनुसार, अजय राय ने विरोध स्वरूप धरना भी दिया। बाद में राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने हस्तक्षेप कर उन्हें मनाने की कोशिश की। इसके बाद अजय राय वापस कार्यालय पहुंचे और आराधना मिश्रा को पदभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
अजय राय ने इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी शिकायत रखी। उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि पार्टी कार्यालय में इस तरह की अनुशासनहीनता से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचता है। वहीं, पूरे मामले में पार्टी नेतृत्व की ओर से जांच और कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार है।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में प्रदेश मुख्यालय में ही कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह का टकराव पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। नेतृत्व परिवर्तन के साथ संगठन में एकजुटता और अनुशासन स्थापित करना नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने बड़ी चुनौती होगी।




