नई दिल्ली, 23 अक्टूबर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत-चीन सीमा पर अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के साथ टकराव की खबरों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चीन को कथित तौर पर क्लीन चिट देना बंद करने और सीमा की स्थिति के बारे में देश को सच्चाई बताने की मांग की है।
श्री खड़गे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को चीन के मुद्दे पर पारदर्शिता बरतनी चाहिए और देश के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक की उस टिप्पणी का उल्लेख किया, जिसमें अरुणाचल प्रदेश में भारतीय जवानों और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच टकराव की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या डोकलाम और गलवान के बाद सीमा पर एक बार फिर गंभीर टकराव की स्थिति पैदा हो रही है?
श्री खड़गे ने कहा कि अगस्त में अरुणाचल प्रदेश के ताकसिंग के निकट चीनी घुसपैठ की खबरें सामने आई थीं। उन्होंने वाचा-दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत के 47 दिन बाद भी कथित टकराव जारी रहने का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या भारतीय सेना की गश्त की पहुंच प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। ऐसे में सीमा पर घटनाओं को लेकर देश को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। खड़गे ने सवाल किया कि आखिर इस मामले में देश को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है?
कांग्रेस अध्यक्ष ने सीमा विवाद के साथ-साथ चीन के साथ भारत के आर्थिक संबंधों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वित्त वर्ष 2020-21 के बाद चीन से आयात में 102 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 112.16 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
श्री खड़गे ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ आर्थिक सुरक्षा के मोर्चे पर भी सरकार को अपनी नीति और उसके परिणामों को लेकर जवाब देना चाहिए।खड़गे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को देश के सशस्त्र बलों पर पूरा भरोसा है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर सरकार की जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से विपक्ष पर हमला करने के बजाय संसद में सीमा की स्थिति और चीन के साथ भारत के संबंधों पर स्पष्ट बयान देने की अपील की। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद और देश को विश्वास में लेना चाहिए, ताकि सीमा पर वास्तविक हालात को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।




