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नितिन कामथ की जीरोधा नहीं बल्कि ये है देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म

अगर शेयर मार्केट में निवेश करते हैं तो किसी न किसी ब्रोकरेज फर्म के जरिए ही करते होंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश की सबसे बड़ी ब्रोकिंग फर्म कौन सी है? नहीं तो चलिए हम बताते हैं। ब्रोकिंग एप ग्रो (Groww) निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। 

जून 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, ग्रो सबसे आगे है, जिसके पास 125.80 लाख एक्टिव क्लाइंट्स हैं। इसके बाद नितिन कामथ का जीरोधा एप (Zerodha) और एंजल वन (Angle One) जैसे बड़े नाम भी लिस्ट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

ये आंकड़े बताते हैं कि लोग अब शेयर बाजार में निवेश को लेकर कितने उत्साहित हैं, खासकर युवा वर्ग। आइए, इस लिस्ट को विस्तार से देखते हैं और समझते हैं कि कौन-कौन से ब्रोकर सबसे आगे हैं।

ये रही पूरी लिस्ट : जीरोधा दूसर नंबर पर

नंबरट्रेडिंग एपएक्टिव क्लाइंट्स
1ग्रो (Groww)125.80 लाख
2जीरोधा (Zerodha)75.85 लाख
3एंजल वन (Angle One)73.20 लाख
4अपस्टॉक्स (Upstox)25.71 लाख
5कोटक  (Kotak)14.57 लाख
6मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal)9.97 लाख
7शेयरखान (Sharekhan)6.26 लाख
8एम स्टॉक (m.Stock)4.60 लाख
95पैसा (5paisa)4.01 लाख
10एक्सिस सिक्योरिटीज(Axis Securities)3.98 लाख
11शेयर मार्केट (Share Market)3.47 लाख
12फेयर्स (Fyers)2.26 लाख
13नुवामा (Nuvama)1.59 लाख
14शून्य (Shoonya)1.42 लाख
15रेलिगेयर बुकिंग (Religare Broking)1.41 लाख
16मारवाड़ी (Marwadi)1.35 लाख
17एलिसब्लू (Alice Blue)1.16 लाख
18वेंचुरा (Ventura)1.13 लाख

ये आंकड़े दिखाते हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने निवेश को आसान बनाया है। लोग अब घर बैठे शेयर बाजार में कदम रख रहे हैं। आने वाले समय में ये आंकड़े और बढ़ सकते हैं, क्योंकि स्टॉक मार्केट का क्रेज लगातार बढ़ रहा है।

ग्रो की इस स्ट्रैटजी ने बनाया नंबर-1

अब सवाल यह है कि आखिर ग्रो ने ऐसा क्या किया, जो वह देश का सबसे पसंदीदा ब्रोकरेज फर्म बन गया? इसके मुख्य पांच कारण हैं:

सिंपल और यूज़र-फ्रेंडली ऐप- ग्रो का इंटरफ़ेस इतना आसान है कि नए निवेशक भी बिना झिझक ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं।
लो-कॉस्ट ब्रोकरेज- कई सेवाएं या तो फ्री में या बहुत कम शुल्क पर मिलती हैं।
विविध निवेश विकल्प- स्टॉक्स के साथ म्यूचुअल फंड, IPO, F&O सब एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर।
आक्रामक मार्केटिंग और सोशल मीडिया एंगेजमेंट- यंग ऑडियंस को टारगेट कर ब्रांड को पॉपुलर बनाया।
टियर-2 और टियर-3 शहरों में पकड़- छोटे शहरों में भी आसान ऑनबोर्डिंग और हिंदी-स्थानीय भाषा सपोर्ट दिया।

बता दें कि ग्रो के फाउंडर ललित केशरे, हर्ष जैन, ईशान बं