भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता संगीत सोम द्वारा बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक और धार्मिक हलचल मचा दी है। उनके बयान के बाद एक तरफ हिंदू साधु-संतों ने उनका समर्थन किया है, तो वहीं मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इसका विरोध किया है। मामला शाहरुख खान के क्रिकेट टीम के मालिक के रूप में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करने से जुड़ा हुआ है।
देवकीनंदन ठाकुर ने क्या कहा?
आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ बेरहमी हो रही है, उनके घर जलाए जा रहे हैं और बेटियों व बहनों के साथ बलात्कार किया जा रहा है। ऐसे हालात देखकर कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि वह अपने क्रिकेट टीम में एक ऐसे खिलाड़ी को शामिल कर दे? उन्होंने कहा, “इसी देश ने आपको हीरो और सुपरस्टार बनाया, इतनी ताकत दी कि आप टीम के मालिक बन गए। इससे पहले आप एक टीवी सीरियल में काम करते थे और दिन में 500-1000 रुपए कमाते थे। हिंदू समुदाय ने आपको इतना प्यार दिया। अब आप इसका क्या करेंगे? क्या एक बांग्लादेशी क्रिकेटर को लेकर टीम में शामिल करेंगे?” देवकीनंदन ठाकुर ने आगे कहा कि टीम में शामिल खिलाड़ी को दी जा रही रकम हिंदू बच्चों के परिवारों को देनी चाहिए, जिनकी बांग्लादेश में हत्या हो रही है।
निजी दुश्मनी नहीं
देवकीनंदन ठाकुर ने स्पष्ट किया कि उनका शाहरुख खान से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा, “मैंने शाहरुख खान से कभी मुलाकात नहीं की। मैंने उनकी फिल्में भी नहीं देखी। मेरा उद्देश्य दुनिया की छवि खराब करना नहीं है। मैं सिर्फ हिंदुओं के लिए आवाज उठा रहा हूं, जो बांग्लादेश में खतरे में हैं।”
जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बयान
वहीं जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भी कहा कि “बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। बांग्लादेश के निर्माण में हिंदुओं का बड़ा योगदान था। वहां की सरकार को समझना चाहिए। हमारी सरकार को भी आक्रामक रुख अपनाना चाहिए और हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को रोकना चाहिए।”
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