वेनेजुएला पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के तेवर बदले नजर आ रहे हैं। ग्रीनलैंड से लेकर ईरान तक दुनिया के कई देश ट्रंप की रडार पर हैं। इसी बीच अमेरिका के आसमान में कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरी दुनिया के कान खड़े कर दिए हैं। 51 साल बाद अमेरिका का टॉप सीक्रेट ‘डूम्सडे प्लेन’ (Doomsday Plane) लॉस एंजलिस में लैंड हुआ है।
अमेरिकी सैन्य विमान E-4B नाइटवॉच को ‘डूम्सडे प्लेन’ या ‘फ्लाइंग पेंटागन’ कहा जाता है। आमतौर पर ये विमान अमेरिकी सैन्य अड्डों पर उड़ान भरता है और इसे देखना बेहद दुर्लभ है। मगर, अमेरिकी इतिहास में पहली बार ‘डूम्सडे प्लेन’ को अमेरिका के प्रमुख हवाई अड्डे लॉस एंजलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखा गया है।
प्लेन की उड़ान ने दिए हमले के संकेत
‘डूम्सडे प्लेन’ ने 6 जनवरी को नेब्रास्का के ओमाहा स्थित ऑफट वायु सेना अड्डे से उड़ान भरी थी। ये प्लेन पहले अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में लैंड हुआ और फिर 8 जनवरी को ‘डूम्सडे प्लेन’ वाशिंगटन से लॉस एंजलिस के लिए रवाना हो गया।
इस प्लेन का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। वीडियो सामने आने के बाद कई लोग ईरान पर हमले की आशंका जता रहे हैं। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक ऐसे किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की है।
क्या है ‘डूम्सडे प्लेन’?
बता दें कि ‘डूम्सडे प्लेन’ कोई आम एयरक्राफ्ट नहीं है। इस विमान को ‘फ्लाइंग पेंटागन’ भी कहा जाता है। यह बोइंग 747-800 का मिलिट्री वर्जन है। जमीन पर परमाणु हमले होने की स्थिति में ये प्लेन अमेरिका के टॉप लीडर्स को लेकर आसमान से सुरक्षित रूप से उड़ान भर सकता है और उन्हें किसी दूसरे देश तक पहुंचा सकता है।
‘डूम्सडे प्लेन’ की खासियत
112 लोगों के साथ उड़ान भरने की क्षमता
प्लेन में ब्रीफिंग रूम, कमांड सेंटर, कॉन्फ्रेंस रूम, स्टे एरिया भी मौजूद
67 सैटेलाइट डिश और एंटेना से युक्त है ‘डूम्सडे प्लेन’
1 हफ्ते तक लगातार आसमान में उड़ान भर सकता है
युद्ध की स्थिति में दुश्मन पर मिसाइल दागने में सक्षम
25 साल पहले भरी थी आखिरी उड़ान
‘डूम्सडे प्लेन’ ने आखिरी बार 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमले के बाद उड़ान भरी थी। इस हमले में 3 हजार लोगों की मौत हुई थी। उस दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ‘डूम्सडे प्लेन’ का इस्तेमाल किया था।
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