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धान उपार्जन में सुनियोजित भ्रष्टाचार, हजारों  करोड़ का नुकसान: दीपक बैज

रायपुर, 12 जनवरी। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य में धान खरीदी और भंडारण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के कई धान संग्रहण केंद्रों में धान सड़ रहा है, भीग चुका है और चूहे-दीमक से खराब हो गया है।

   श्री बैज ने आज यहां जारी बयान में दावा किया कि यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार है।श्री बैज के अनुसार पूरे प्रदेश में 25 लाख 93 हजार 880 क्विंटल धान की मिलिंग नहीं कराई गई। इसमें से 4 लाख 16 हजार 410 क्विंटल धान विभिन्न खरीदी केंद्रों में और करीब 21 लाख 77 हजार 470 क्विंटल धान राज्य सहकारी विपणन संघ के संग्रहण केंद्रों में शेष बताया गया, जिसे अब षड्यंत्रपूर्वक नष्ट होना बताया जा रहा है। बस्तर संभाग के विभिन्न केंद्रों में एक लाख क्विंटल से अधिक धान सड़ने का आरोप भी उन्होंने लगाया।

 उन्होंने कहा कि जगदलपुर विकासखंड के नियानार और बिरंगपाल संग्रहण केंद्रों में प्रशासन की लापरवाही साफ दिखती है, जहां सड़े धान को बाहर ठिकाने लगाया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासन में धान खरीदी के नाम पर हजारों करोड़ का घोटाला हुआ है और किसानों की मेहनत की उपेक्षा की जा रही है।

   श्री बैज ने यह भी कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान सरकार की बदइंतजामी के कारण एक ही वर्ष में करीब 1037 करोड़ 55 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कबीरधाम, महासमुंद और जशपुर जिलों में भी करोड़ों की अनियमितताओं और हजारों क्विंटल धान के गायब होने के मामले सामने आए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार छुपाने के लिए सहकारी समितियों के चुनाव नहीं कराए जा रहे और न ही दोषियों पर एफआईआर या रिकवरी की कार्रवाई हो रही है। दीपक बैज ने सवाल किया कि सरकार अब इसकी जिम्मेदारी लेगी या फिर सारा दोष चूहे और दीमक पर मढ़ देगी।