लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज होना लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत- रमन

रायपुर, 16 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डा.रमन सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को सदन द्वारा अस्वीकार किए जाने को भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और संसदीय परंपराओं के प्रति आस्था का सशक्त उदाहरण बताया है।
डॉ. सिंह ने आज यहां जारी बयान में कहा कि यह फैसला केवल एक संसदीय प्रक्रिया भर नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि भारतीय लोकतंत्र में संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता और मर्यादा को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सदन में जिस गंभीरता और विवेक के साथ सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए, उससे यह स्पष्ट होता है कि संसद और उसकी संस्थाओं के प्रति देश की लोकतांत्रिक चेतना अत्यंत परिपक्व है।
उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जिस संतुलित और गरिमामय ढंग से सदन को संबोधित किया, वह प्रेरणादायक है। अध्यक्ष पद की निष्पक्षता और संसदीय नियमों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मूल भावना को प्रतिबिंबित करती है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें केवल आधुनिक संवैधानिक व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हमारी प्राचीन बौद्धिक और नैतिक परंपराओं में भी गहराई से निहित हैं, जहाँ शासन व्यवस्था को सत्य, उत्तरदायित्व, संवाद और मर्यादा के आधार पर संचालित करने की कल्पना की गई है।
डॉ.सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि वह असहमति को भी स्थान देता है और विभिन्न विचारों का सम्मान करते हुए संवाद के माध्यम से सहमति का मार्ग तलाशता है। संसद इसी लोकतांत्रिक चेतना का सर्वोच्च मंच है, जहाँ व्यक्त हर विचार देश के करोड़ों नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसद अपनी गौरवशाली संसदीय परंपराओं को और अधिक मजबूत करेगी तथा लोकतांत्रिक संवाद, रचनात्मक विमर्श और संस्थागत गरिमा को नई ऊर्जा मिलेगी।




