अखिलेश का भाजपा पर तीखा हमला, मजदूरों, आरक्षण और संविधान पर उठाए सवाल

(सन्तोष यादव)
सुलतानपुर, 13 अप्रैल। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुलतानपुर दौरे के दौरान केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और मजदूरों, महिला आरक्षण, भ्रष्टाचार तथा संविधान जैसे अहम मुद्दों पर सरकार की नीतियों और मंशा पर सवाल खड़े किए।
एक निजी कार्यक्रम में आप सांसद संजय सिंह के साथ शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा की शुरुआत में उसके पास समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेता नहीं थे, इसलिए उसे जय प्रकाश नारायण को मंच पर लाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सपा-बसपा गठबंधन ने भाजपा को हराया, तब पार्टी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की।
श्री यादव ने मजदूरों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में हर स्तर पर अन्याय हो रहा है और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नोएडा में मजदूरों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश के कई राज्यों में मजदूरी दर बढ़ाई जा चुकी है, तब उत्तर प्रदेश के मजदूरों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि यदि मजदूरों के साथ इस तरह का व्यवहार जारी रहा तो निवेश और औद्योगिक विकास भी प्रभावित होगा, क्योंकि किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति में श्रमिकों की भूमिका सबसे अहम होती है।
संविधान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान पर पूरा भरोसा नहीं है और उसमें बदलाव की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और “एक तंत्र” की ओर बढ़ने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वहां ममता बनर्जी ही चुनाव जीतेंगी। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश और दिल्ली से बंगाल जाकर हिसाब मांगते हैं, उन्हें पहले अपने राज्यों का हिसाब जनता को देना चाहिए।
उन्होंने नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि तहसीलों और थानों में खुलेआम पैसे वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों में यह डर बना हुआ है कि कहीं फिर से नोटबंदी न हो जाए, जिसके चलते लोग तेजी से धन संग्रह करने में लगे हैं।
गौरीगंज विधानसभा सीट को लेकर उन्होंने इसे “हॉट सीट” बताते हुए कहा कि यहां प्रत्याशी का चयन जनता की राय के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां कई दावेदार सक्रिय हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प होने वाली है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना जनगणना और स्पष्ट आंकड़ों के आरक्षण लागू करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि किन निर्वाचन क्षेत्रों में महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि महिलाएं किन सीटों से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसके लिए ठोस नीति और पारदर्शी तैयारी आवश्यक है।
प्रदेश की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच तालमेल को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि सरकार के भीतर ही असंतुलन की स्थिति दिखाई दे रही है।
अपने दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए शहीद जवान अखिलेश शुक्ला के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। शहीद जवान जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सर्च ऑपरेशन के दौरान घायल हुए थे और बाद में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
इसके अलावा, वह सपा नेता रिजवान पप्पू के बेटे की शादी में शामिल हुए और तेजिंदर सिंह बग्गा की माताजी के निधन पर उनके घर जाकर शोक संवेदना भी व्यक्त की। इस पूरे दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने जहां एक ओर भाजपा सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरा, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और मानवीय सरोकारों को भी प्रमुखता से सामने रखा।



