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जनगणना 2027: छत्तीसगढ़ में 60 फीसदी से ज्यादा मकान सूचीकरण कार्य पूरा

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रायपुर, 17 मई।छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन की निगरानी में सभी जिलों तथा नगर निगम क्षेत्रों में मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLB) के गठन और सत्यापन का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

      ताजा आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में अब तक कुल 60.73 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। डिजिटल तकनीक की मदद से राज्य के कुल 48,742 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है।

      मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में जनगणना कार्य की प्रगति पर संतोष जताते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन सहित प्रदेशभर के प्रगणकों और अधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ और सुशासन के संकल्प के साथ काम कर रही है तथा जनगणना 2027 के आंकड़े भविष्य में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और नीति निर्धारण की मजबूत आधारशिला साबित होंगे।

   श्री साय ने कहा कि डिजिटल तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूरा करना सराहनीय है। साथ ही उन्होंने बड़े शहरों और नगर निगम क्षेत्रों में धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

   प्रदेश स्तर पर जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो आदिवासी बहुल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला पूरे राज्य में पहले स्थान पर पहुंच गया है। जिले ने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य 100 प्रतिशत पूरा कर लिया है। इसके बाद जशपुर जिला 99.87 प्रतिशत और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी 99.84 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर शीर्ष जिलों में शामिल हैं। वहीं बेमेतरा में 97.8 प्रतिशत और मुंगेली में 96.52 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जिससे ये जिले भी लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गए हैं।

   गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(GPM) जिले में दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और आदिवासी क्षेत्र होने के बावजूद प्रशासन ने माइक्रो प्लानिंग के तहत कार्य किया। स्थानीय प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और प्रशासनिक टीम के समन्वय से हर चार्ज नंबर की प्रतिदिन डिजिटल मॉनिटरिंग की गई, जिसके परिणामस्वरूप 17 मई की मध्यरात्रि तक डेटा पोर्टल पर 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अब अगले चरण के प्रशिक्षण और मैदानी सत्यापन के लिए पूरी तरह तैयार है।

    जहां ग्रामीण और दूरस्थ जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, वहीं प्रदेश के बड़े शहरों और नगर निगम क्षेत्रों में कार्य की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी देखी गई है। रायगढ़ नगर निगम सबसे निचले पायदान पर है, जहां अब तक केवल 4.65 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। औद्योगिक क्षेत्र भिलाई नगर में 7.84 प्रतिशत और रिसाली नगर निगम में 8.33 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है। राजधानी रायपुर में कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ब्लॉकों का काम पूरा हो पाया है, जो कुल लक्ष्य का महज 10.34 प्रतिशत है।

     हालांकि राहत की बात यह है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में ‘कार्य शुरू नहीं हुआ’ की स्थिति लगभग समाप्त हो चुकी है। कबीरधाम जिले के केवल एक ब्लॉक को छोड़कर राज्य के सभी क्षेत्रों में सूचीकरण कार्य प्रारंभ हो चुका है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार शेष प्रगति पर चल रहे कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य सरकार का मानना है कि समयबद्ध और सटीक जनगणना से भविष्य की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।