जगदलपुर, 19 मई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर के सम्पूर्ण विकास के लिए पांच वर्षों की केन्द्र सरकार की ओर से एक बड़ी कार्ययोजना शुरू करने का ऐलान करते हुए दावा किया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर समेत पूरे देश से नक्सलवाद का सफाया कर दिया गया है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के बाद जगदलपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि बस्तर कभी नक्सल हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित इलाका था, लेकिन अब यहां भय और आतंक का माहौल समाप्त हो चुका है।गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद यह उनका पहला बस्तर दौरा है और अब क्षेत्र में विकास के नए युग की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि 19 मई 26 की तारीख बस्तर के इतिहास में महत्वपूर्ण दिन के रूप में दर्ज होगी, क्योंकि आज से “विकसित बस्तर” अभियान की शुरुआत की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने नक्सल उन्मूलन अभियान में केंद्र सरकार का अपेक्षित सहयोग नहीं किया। शाह ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई, जिसका परिणाम अब सामने है।
गृह मंत्री ने बताया कि बस्तर की समस्या जटिल थी और इसे खत्म करने के लिए 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए। अब नक्सलवाद समाप्त होने के बाद इनमें से 70 कैंपों को “वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा” में बदला जाएगा। इन सेवा डेरों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, आंगनबाड़ी, कौशल प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई प्रशिक्षण, इमली प्रोसेसिंग और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। शाह ने घोषणा की कि बस्तर के हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए पूरे संभाग में डेयरी नेटवर्क तैयार किया जाएगा और सहकारी मॉडल के जरिए दूध खरीदा व बेचा जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में कभी बंदूक और हिंसा का माहौल था, वहां अब विकास और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। गांव-गांव तक बिजली, पानी और वन उपज आधारित आर्थिक गतिविधियों को पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं बस्तर के विकास को लेकर लगातार सक्रिय और गंभीर हैं।




