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हसदेव में पेड़ कटाई, जनगणना आंकड़ों में फेरबदल और मीसा बंदी पेंशन पर कांग्रेस का हमला

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रायपुर, 29 मई। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र और राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने हसदेव अरण्य क्षेत्र में प्रस्तावित केते एक्सटेंशन कोल परियोजना, प्रदेश की पेयजल समस्या, जनगणना के आंकड़ों में कथित फेरबदल और मीसा बंदियों के परिजनों को पेंशन दिए जाने के फैसले को लेकर भाजपा सरकार को घेरा।

      दीपक बैज ने कहा कि केंद्र सरकार ने केते एक्सटेंशन कोल परियोजना को मंजूरी दे दी है, जबकि यह परियोजना हसदेव अरण्य के घने वन क्षेत्र में स्थित है। उन्होंने बताया कि करीब 1742 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित होगा और सात लाख से अधिक पेड़ों की कटाई की जाएगी। बैज ने आरोप लगाया कि खदान राजस्थान विद्युत मंडल को आवंटित की गई है, लेकिन खुदाई का ठेका अडानी समूह को दिया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ के जंगलों की बलि दी जा रही है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह एक भी पेड़ कटने नहीं देगी। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2022 में विधानसभा ने सर्वसम्मति से हसदेव क्षेत्र में नई खदानें नहीं खोलने और पेड़ कटाई रोकने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था।

      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मंदिर हसौद में पानी की समस्या को लेकर हुई हत्या की घटना पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि पानी की मांग करने पर भाजपा पार्षद द्वारा नागरिक की हत्या कर शव को रेत में दफन कर देना बेहद भयावह और सत्ता के अहंकार का उदाहरण है। बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा नेताओं का व्यवहार लगातार आक्रामक होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सीतापुर विधायक द्वारा तहसीलदार की पिटाई और सुशासन तिहार के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा अधिकारियों को धमकाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

      दीपक बैज ने जनगणना के आंकड़ों में कथित हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपनी छवि सुधारने के लिए वास्तविक तथ्यों को बदलवाने का दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास उज्ज्वला गैस कनेक्शन होने के बावजूद गैस भरवाने की क्षमता नहीं है और वे चूल्हे पर खाना बना रहे हैं, या जिनके पास शौचालय और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, उनके वास्तविक आंकड़ों में बदलाव कराया जा रहा है। बैज ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर आने वाले वर्षों की विकास योजनाएं और कल्याणकारी नीतियां तय होती हैं। ऐसे में आंकड़ों से छेड़छाड़ देशहित के खिलाफ है।

      उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनगणना प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं और यदि किसी स्तर पर आंकड़ों में हेराफेरी की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

     मीसा बंदियों के परिजनों को पेंशन देने के राज्य सरकार के फैसले का विरोध करते हुए दीपक बैज ने कहा कि यह जनता के पैसे की बर्बादी है। उन्होंने कहा कि मीसा बंदी स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि तत्कालीन सरकार के खिलाफ राजनीतिक आंदोलन के दौरान जेल गए थे। ऐसे में उनके वंशजों को पेंशन देना अनुचित है और यह जनता के धन का दुरुपयोग है।