हैदराबाद/रायपुर 12 जून।हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने राज्य में कुल 9,580 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से 7,800 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए पूरी तरह उद्योग-अनुकूल माहौल उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल है। यहां सिंगल विंडो सिस्टम, सरल प्रक्रियाएं, मजबूत आधारभूत ढांचा और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को राज्य में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ मध्य भारत में स्थित होने के कारण देश का महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है।
उन्होंने बताया कि राज्य सात राज्यों से जुड़ा हुआ है, जिससे 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच संभव है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गो सुविधाएं और खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए विशेष अवसर प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील उत्पादन को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है तथा ऊर्जा क्षेत्र में 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने से प्रदेश एक बड़े पावर हब के रूप में उभर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सात कंपनियों को ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर, जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं।
सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से आया है। कंपनी ने छत्तीसगढ़ में देश का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए 4,200 करोड़ रुपये निवेश की योजना प्रस्तुत की है। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे और राज्य की डिजिटल अवसंरचना को मजबूती मिलेगी।
सीमेंट क्षेत्र में फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे करीब 4,000 रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाओं के विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिससे लगभग 200 लोगों को रोजगार मिलेगा।
सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र में एसजी मार्ट लिमिटेड ने 700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 528 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक टेक्सटाइल एवं परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बनाई है, जिससे लगभग 2,500 रोजगार सृजित होंगे।
फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की काबरा ड्रग्स ने 200 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र की दिनशॉज़ डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमशः 250 और 150 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने कई अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें भी कीं। इनमें पेज इंडस्ट्रीज, डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस एनर्जी, सेल्कॉन ग्रुप और मैग्नमविंग्स जैसी कंपनियां शामिल रहीं। बैठकों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं और राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रायपुर के टाटीबंध क्षेत्र में 650 बिस्तरों वाले चैरिटेबल अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की।
इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में आईटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस एवं रक्षा, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जिनमें निवेशकों ने विशेष रुचि दिखाई।




