(सन्तोष यादव)
सुल्तानपुर, 23 जून। लम्भुआ कस्बे के दियरा रोड स्थित हाईवे किनारे झाड़ियों में बड़ी संख्या में फॉर्म-6 और अन्य दस्तावेज मिलने के मामले में प्रशासन ने जांच के बाद महत्वपूर्ण खुलासा किया है। प्रारंभिक रूप से निर्वाचन संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बरामद अभिलेख विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से संबंधित नहीं हैं, बल्कि वर्ष 2018 के पुराने राजस्व अभिलेख हैं।
कुछ दिन पूर्व झाड़ियों में सैकड़ों फॉर्म-6 तथा आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि मतदाताओं की व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का खतरा पैदा हो सकता है। मामले की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), क्षेत्राधिकारी लम्भुआ और उपजिलाधिकारी लम्भुआ की संयुक्त जांच में पाया गया कि बरामद दस्तावेजों में वर्ष 2018 के आरसी (रेवेन्यू कोड) प्रपत्र और फॉर्म-6 शामिल थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार ये सभी अभिलेख पुरानी तहसील लम्भुआ के एक कक्ष में सुरक्षित रखे गए थे, जिन्हें नियमानुसार वीड आउट (निस्तारण) प्रक्रिया के लिए संरक्षित किया गया था।
प्रशासन के मुताबिक अज्ञात व्यक्तियों ने संबंधित कक्ष का ताला तोड़कर अभिलेखों को बाहर निकाल लिया और उन्हें झाड़ियों में फेंक दिया। इस संबंध में लम्भुआ थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि कुछ शरारती तत्व इन पुराने अभिलेखों को एसआईआर प्रक्रिया से जोड़कर भ्रामक जानकारी प्रसारित कर रहे हैं, जबकि जांच में ऐसा कोई संबंध सामने नहीं आया है। ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
मामले में अभिलेखों के रखरखाव एवं वीड आउट प्रक्रिया की जिम्मेदारी निभा रहे संबंधित राजस्व कर्मी (आरके) लम्भुआ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है और जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी कर्मचारी अथवा व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




