रायपुर, 23 जून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर आपातकाल को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में पिछले एक दशक से अघोषित आपातकाल जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल संविधान के प्रावधानों के तहत तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए लागू किया गया था और हालात सामान्य होने पर उसे समाप्त भी कर दिया गया था।
श्री बैज ने आज यहां जारी बयान में कहा कि उस समय देश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से निर्णय लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है और विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद से संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ा है तथा विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों को तोड़कर सरकारें बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा आपातकाल का विरोध करने की बात करती है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां उससे भी अधिक चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया स्वतंत्र रूप से जनता के मुद्दे नहीं उठा पा रहा है और लोकतांत्रिक अधिकारों के उपयोग पर विभिन्न प्रकार की बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक की घटनाएं और आम जनता पर बढ़ता आर्थिक बोझ सरकार की नीतियों की विफलता को दर्शाता है। बैज के अनुसार बड़ी संख्या में लोग आज भी सरकारी खाद्यान्न योजनाओं पर निर्भर हैं, जबकि रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों, युवाओं और विभिन्न वर्गों के आंदोलनों को दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को सदन से लेकर सड़क तक दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा द्वारा आपातकाल की बरसी पर काला दिवस मनाने से पहले उसे वर्तमान हालात पर भी आत्ममंथन करना चाहिए। उनके अनुसार देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।




