रायपुर, 23 जून। छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन, परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज संपदा के अवैध दोहन तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म तथा केंद्रीय खनि उड़नदस्ता प्रभारी रजत बंसल के निर्देश पर 22 जून को केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया। शिकायतों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में अवैध रूप से खनिज परिवहन कर रहे सात वाहनों को जब्त किया गया।
जांच के दौरान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के बरबसपुर क्षेत्र में निम्न श्रेणी के चूना पत्थर से लदे दो हाइवा पकड़े गए। वहीं सूरजपुर जिले के लटोरी क्षेत्र में रेत से भरा एक हाइवा तथा खड़गवां में एक टिप्पर जब्त किया गया। सरगुजा जिले के सकालो और अंबिकापुर क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन कर रहे तीन अन्य टिप्परों पर भी कार्रवाई की गई। सभी वाहनों को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत जब्त कर संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है।
अभियान के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में एक विवादित घटना भी सामने आई। जांच टीम के अनुसार वाहन मालिक, चालक और उनके सहयोगियों ने अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौच की और धमकी देते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत थाना गांधीनगर में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
खनिज विभाग ने कहा है कि प्रदेश में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के साथ-साथ ऐसे कार्यों को संरक्षण देने वालों और अधिकारियों को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी और सख्त प्रवर्तन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में संयुक्त निरीक्षण और जांच अभियान को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।




