होम छत्तीसगढ़ बशीर बद्र की स्मृति में रायपुर में सजी काव्य संध्या, कवियों ने...

बशीर बद्र की स्मृति में रायपुर में सजी काव्य संध्या, कवियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

0

रायपुर, 29 जून।साहित्यिक संस्था नवरंग काव्य मंच की ओर से देश के सुप्रसिद्ध शायर स्वर्गीय डॉ. बशीर बद्र की स्मृति में ‘मुसाफ़िर हो तुम भी मुसाफ़िर हैं हम भी’ शीर्षक से एक भावपूर्ण काव्य संध्या का आयोजन किया गया।

     राजधानी के सिविल लाइन स्थित वृंदावन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर और प्रदेश के अनेक साहित्यकारों एवं कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से महान शायर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

     कार्यक्रम का संचालन स्थानीय कवि राजेश जैन ‘राही’ ने डॉ. बशीर बद्र की चर्चित ग़ज़लों के साथ प्रभावी अंदाज़ में किया। मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय विज्ञान महाविद्यालय रायपुर के मानव विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्वेता चौबे उपस्थित रहीं, जबकि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। महासमुंद के शायर अशोक शर्मा, रायपुर के एम. राजीव (युवा) तथा अजीत जैन विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने डॉ. बशीर बद्र के जीवन, साहित्यिक यात्रा और हिंदी-उर्दू ग़ज़ल साहित्य में उनके उल्लेखनीय योगदान पर प्रकाश डाला। इसके बाद डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ और अशोक शर्मा ने बशीर बद्र के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार साझा करते हुए उनकी रचनात्मक विरासत को याद किया।

    काव्य संध्या में आर.डी. अहिरवार, सुरेश तिवारी, सुरेंद्र रावल, नर्मदा प्रसाद विश्वकर्मा ‘तृण’, छबिलाल सोनी, कोमल प्रसाद राठौर, शिव शंकर गुप्ता, राजेंद्र ओझा, मन्नूलाल यदु, आरव शुक्ला, हर्ष व्यास, ईशान शर्मा, भागीरथ वर्मा ‘मज़दूर’, सुषमा पटेल, डॉ. मृणालिका ओझा, गोपाल सोलंकी, शशांक खरे तथा यशवंत यदु सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी कविताओं और ग़ज़लों का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

    उल्लेखनीय है कि 15 फरवरी 1935 को फैजाबाद में जन्मे और हिंदी-उर्दू ग़ज़ल जगत के लोकप्रिय शायर डॉ. बशीर बद्र का गत 28 मई को उनके गृहनगर भोपाल में निधन हो गया था। उनकी स्मृति में आयोजित इस विशेष काव्य संध्या के अंत में नवरंग काव्य मंच के संस्थापक राजेश जैन ‘राही’ ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।