रायपुर, 29 जून।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर के नकटी गांव में कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध करते हुए राज्य सरकार पर गरीब परिवारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से गांव में रह रहे लोगों के मकानों को तोड़कर भाजपा सरकार ने अपना तानाशाही रवैया दिखाया है। बैज का कहना है कि विधायक आवास निर्माण के लिए सरकार के पास अन्य वैकल्पिक सरकारी भूमि उपलब्ध है, लेकिन गरीबों को बेघर करना उचित नहीं है।
श्री बैज ने आज यहां जारी बयान में कहा कि यदि नकटी गांव की जमीन अवैध कब्जे में थी तो वहां रहने वाले लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कैसे मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि इन परिवारों के राशन कार्ड, आधार कार्ड बने, बिजली और अन्य सरकारी सुविधाएं कैसे पहुंचीं। उनका आरोप है कि प्रभावित परिवारों से बातचीत किए बिना आधी रात में बुलडोजर कार्रवाई की गई और बारिश के मौसम में लोगों को बेघर कर दिया गया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नकटी गांव के अधिकांश परिवार रोजी-मजदूरी, ठेला-खोमचा और छोटे व्यवसायों से जीवनयापन करते हैं। उनके अनुसार, विधायक आवास निर्माण के नाम पर इन गरीब परिवारों को हटाना अन्यायपूर्ण है और कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है।
बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से लगातार गरीबों के मकानों, दुकानों और छोटे कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि शहरों में वर्षों से सड़क किनारे ठेला, खोमचा, पान-चाय और छोटे होटल चलाने वालों को हटाया जा रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी गरीबों की जमीन छीने जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विरोध करने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नकटी गांव में कई मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए हैं, ऐसे में सरकार उन्हें अवैध कब्जा कैसे घोषित कर सकती है। कांग्रेस ने मांग की है कि नकटी गांव में गरीब परिवारों के घरों को तोड़ने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए और विधायक आवास निर्माण के लिए किसी अन्य उपयुक्त सरकारी भूमि का चयन किया जाए।




