नई दिल्ली, 21 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र लीक की घटनाओं को देश के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा है कि हाल में सामने आए नीट (NEET) पेपर लीक मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार सुबह आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सांसदों के ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए केंद्र और राज्यों सहित सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वित एवं त्वरित प्रयास करने होंगे।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की घटना सामने आते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र पुनर्परीक्षा आयोजित कराई गई, ताकि उनके भविष्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अपराधों में शामिल लोगों को कठोरतम दंड मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित परीक्षा प्रणाली विकसित करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने दोहराया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सरकार निष्पक्ष एवं विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।




