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डिजिटल सुशासन की ओर तेजी से बढ़ रहा छत्तीसगढ़, सेवा सेतु पर 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध

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रायपुर, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग डिजिटल तकनीक के माध्यम से सुशासन को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। विभाग के सचिव अंकित आनंद और चिप्स के सीईओ मयंक अग्रवाल ने गुरुवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी दी।

श्री आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नागरिक-केंद्रित सेवाओं, डिजिटल कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और नवाचार आधारित प्रशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु राज्य का सबसे बड़ा डिजिटल नागरिक सेवा मंच बन चुका है, जहां 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। पिछले ढाई वर्षों में पोर्टल पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से ज्यादा का निराकरण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जनवरी 2024 से अब तक 1,273 नए मोबाइल टावर शुरू किए गए हैं। वहीं भारतनेट फेज-3 के तहत 3,928 करोड़ रुपये की परियोजना से ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड इंटरनेट और फाइबर कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी।

राज्य के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए IIIT नया रायपुर के सहयोग से सीएम आईटी फेलोशिप शुरू की गई है, जिसके तहत 50 स्थानीय युवाओं को उन्नत प्रशिक्षण और शासकीय विभागों में कार्यानुभव दिया जा रहा है।विभाग ने बताया कि खनिज ऑनलाइन 2.0 के जरिए जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 30,311.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसके अलावा सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पारस पोर्टल, बस्तर मुन्ने पोर्टल और डिजिटल द्वार जैसे प्लेटफॉर्म शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना रहे हैं।

अंकित आनंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ एआई मिशन के तहत एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई डेटा लैब की स्थापना की जा रही है। साथ ही एसटीपीआई के सहयोग से 105.3 करोड़ रुपये की लागत से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित किए जाएंगे, जहां एआई, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि क्षेत्रों में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति भी लागू कर रही है, जिससे डिजिटल सेवाएं अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनेंगी। विभाग की विभिन्न डिजिटल परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में शामिल करना है।