अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य घमासान 13वें दिन पूरी ताकत से जारी रहा। ईरान ने इराक का नया मोर्चा खोलते हुए इरबिल में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जोरदार हमले किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने आगाह किया है कि ईरान के हमलों में जहाजों को होनेवाले नुकसान की भरपाई तेहरान की विदेश में जब्त संपत्ति से कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि वह ईरान पर व्यापक हमलों की योजना पर काम कर रहे हैं और युद्धविराम या शांति वार्ता के बारे में नहीं सोच रहे। उधर, ईरान पर अमेरिकी सेना के हमले जारी रहे।
ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहे दिशा नाम के एक जहाज पर अमेरिकी बलों ने हमला किया। उस पर 30 नाविक सवार थे। जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया गया। हमले के बाद जहाज की तरफ से डिस्ट्रेस काल के जरिये मदद मांगी गई। उधर, लाल सागर में हाउती का आतंक बढ़ता जा रहा है।
हूती चरमपंथियों ने कहा है कि बाब अल मंदेब स्ट्रेट पूरी तरह खुला है और नाकेबंदी केवल सऊदी अरब के लिए लागू की गई है। हूती के बयान के बावजूद जहाज कंपनियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
खाड़ी के तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहीं। एपी के अनुसार, शुक्रवार को इराक के इरबिल शहर में कम से कम सात धमाके सुने गए। हालांकि, इससे किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
अमेरिकी बलों ने विस्फोटक लदे पांच ड्रोन मार गिराए। एक अन्य ड्रोन फसलों के बीच गिरा, जिससे वहां आग लग गई। शहर के हवाई अड्डे में स्थित सैन्य अड्डे के आसपास की चार जगहों से काले धुएं का गुबार उठता देखा गया।
बता दें कि इराक में अमेरिका के 2500 सैनिक मौजूद हैं। ईरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निदेशक अहमद होशयार ने बताया कि कुछ देर के लिए उड़ानों को स्थगित करना पड़ा, जिन्हें बाद में सुचारु कर दिया गया।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पड़ोसी देशों की जनता से आग्रह किया है कि वे अमेरिकी सैन्य अड्डों के आसपास न रहें। बहरीन ने भी कुछ ईरानी हमलों को नाकाम करने का दावा किया।
आइआरजीसी ने दावा किया कि बहरीन में अमेरिकी पांचवे बेड़े के सर्विलांस टावर को हमले में नुकसान पहुंचा। कुवैत में कैंप बुहरिंग, कैंप अरिफजान और कैंप दोहा पर हमले हुए।
अमेरिकी बलों ने ईरान के केश्म द्वीप स्थित नौसैनिक अड़्डों, इश्फहान, खुजेश्तान, अजरबैजान के पीरानशहर, कैस्पियन सागर के निकट स्थित गिलान प्रांत के जिबा केनार इलाके में आइआरजीसी नेवी हेडक्वार्टर्स और बंदर अंजाली पर हमले किए।
सरकारी प्रसारक आइआरआइबी ने बताया कि अहवाज पर हमलों में चार लोग मारे गए। ट्रंप की चेतावनी पर ईरान का पलटवार रॉयटर के अनुसार, ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि युद्ध के दौरान जहाजों और मालवाहक पोतों को हुए किसी भी नुकसान की भरपाई अमेरिका के कब्जे में मौजूद ईरानी धन से की जाएगी।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि अब से जहाजों, माल या उनसे जुड़े किसी भी नुकसान का भुगतान ईरान की जब्त संपत्ति से किया जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इसके लिए अमेरिका कौन-सी कानूनी प्रक्रिया अपनाएगा।
अल जजीरा के अनुसार, ईरान की विदेश में 100 अरब डालर से ज्यादा की संपत्ति फ्रीज पड़ी हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यदि सरकारें दूसरे देशों की संपत्ति जब्त करने को सामान्य बना देंगी तो किसी की भी संपत्ति सुरक्षित नहीं रहेगी।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आइएमओ) के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में करीब 400 जहाजों पर सवार 6,000 से अधिक नाविक फंसे हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टुर्क ने उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है।
एएनआई के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि ईरान रूस की सूचना या ड्रोन तकनीक की मदद से खाड़ी में सीआइए ठिकानों पर हमले कर रहा है। हालांकि, क्रेमलिन ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, समुद्री निगरानी एजेंसी मरीन ट्रैफिक के अनुसार, गुरुवार को 49 जहाज बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरे। यह संख्या एक दिन पहले की तुलना में 16 प्रतिशत ज्यादा रही। इनमें 24 जहाज लाल सागर में दाखिल हुए, जबकि 25 जहाज बाहर निकले।
खास बात ये है कि सऊदी अरब से चले चीन के दो सुपर टैंकरों ने भी स्ट्रेट पार कर लिया है। हालांकि सऊदी अरब का कोई भी जहाज इस समुद्री रास्ते से नहीं गुजरा। हूती से बचने के लिए जहाज लाल सागर के दक्षिणी हिस्से से आगे बढ़ रहे हैं।
उधर, होर्मुज स्ट्रेट से लगातार तीन दिनों से केवल तीन जहाज ही स्ट्रेट पार कर पा रहे हैं। फारस की खाड़ी में पूरी तरह भरे हुए 253 टैंकर खड़े हैं, जिसमें 102 पर तेल लदा है, जबकि 64 में एलएनजी भरा हुआ है। वहीं, 66 जहाज एलपीजी से लैस हैं।




