नई दिल्ली, 29 जुलाई। राज्यसभा में बुधवार को दिल्ली स्थित माकपा (CPI-M) के केंद्रीय कार्यालय में पुलिस की कथित कार्रवाई का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
केरल से माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने सदन में इस मामले को उठाते हुए कहा कि भारत एक बहुदलीय लोकतांत्रिक देश है और माकपा एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल है। ऐसे में किसी राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय में इस तरह की पुलिस कार्रवाई बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जॉन ब्रिटास द्वारा उठाया गया मामला बेहद शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय में घुसकर गिरफ्तारी की कार्रवाई लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
खड़गे ने कहा कि ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि पार्टी कार्यालय में पुलिस भेजने का आदेश किसके निर्देश पर दिया गया था।




