रायगढ़, 02 अगस्त। ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ का छठवां दीक्षांत समारोह शनिवार को गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका रहे।
इस अवसर पर जिंदल स्टील लिमिटेड के चेयरमैन एवं लोकसभा सांसद नवीन जिंदल, विश्वविद्यालय की चांसलर एवं जिंदल फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिंदल, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल, जिंदल स्टील रायगढ़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर देबोज्योति रॉय सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
दीक्षांत समारोह में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और स्कूल ऑफ साइंस के कुल 688 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 84 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिनमें 27 स्वर्ण, 28 रजत और 29 कांस्य पदक शामिल हैं।
मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान का विवेक, दूरदर्शिता और नैतिक मूल्यों के साथ समाज व मानवता के हित में उपयोग करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य करने का आह्वान किया, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने ज्ञान और संस्कारों के बल पर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सांसद नवीन जिंदल ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान दौर में देश को नवाचार, समस्या-समाधान क्षमता और उत्कृष्ट कार्यकुशलता वाले युवाओं की आवश्यकता है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में कौशल विकास पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जिंदल स्टील उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
विश्वविद्यालय की चांसलर शालू जिंदल ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी यात्रा का समापन नहीं, बल्कि नए अवसरों और जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया तथा उनकी सफलता में अभिभावकों की भूमिका की सराहना की।
छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल ने विद्यार्थियों से सामाजिक उत्तरदायित्व और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को व्यावसायिक दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक संवेदनशीलता से भी समृद्ध कर रहा है।
समारोह की शुरुआत अकादमिक प्रोसेशन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि समाज के प्रति नई जिम्मेदारियों का संकल्प भी है। उन्होंने विश्वविद्यालय की शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और अधोसंरचना के क्षेत्र में हासिल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मेधावी विद्यार्थियों को पदक और सभी स्नातकों को उपाधि प्रदान करना रहा। पूरे समारोह के दौरान सभागार उत्साह, गर्व और उल्लास से गूंजता रहा।
अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मानविकी विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया, जबकि आयोजन का संयोजन स्कूल ऑफ साइंस के डीन डॉ. गिरीश चंद्र मिश्र ने किया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अभिभावकों की उपस्थिति ने समारोह को यादगार बना दिया।




