रायपुर, 2 अगस्त। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में कथित लोहा चोरी के मामले में भाजपा नेता भास्कर मुदलियार की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित तौर पर इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने लाने की मांग की है।
डॉ. महंत ने आज जारी अपने बयान में कहा कि वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन पहले ही बीएसपी से हर महीने करीब 100 करोड़ रुपये की संगठित लोहा चोरी का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता की गिरफ्तारी के बाद विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों को बल मिला है। महंत के अनुसार इस मामले में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बीएसपी के कुछ अधिकारियों की भी गिरफ्तारी हुई है। उनका आरोप है कि गिरफ्तार भाजपा नेता से जुड़ी गाड़ियों का उपयोग संयंत्र से लोहा चोरी करने में किया जाता था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य और पूछताछ के बाद ही गिरफ्तारी की होगी। साथ ही, भाजपा द्वारा संबंधित नेता को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाना भी कई सवाल खड़े करता है।
नेता प्रतिपक्ष ने आशंका जताई कि बीएसपी से लंबे समय से संगठित तरीके से लोहा चोरी का नेटवर्क संचालित हो रहा था, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, कुछ बीएसपी अधिकारियों, स्थानीय पुलिस और राजनीतिक संरक्षण की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े सार्वजनिक उपक्रम में इस स्तर की चोरी बिना प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के संभव नहीं है।
डॉ. महंत ने यह भी कहा कि यदि जांच एजेंसियां चाहें तो इस मामले का खुलासा करने वाले भाजपा विधायक रिकेश सेन से भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।
केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक उपक्रमों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि भिलाई स्टील प्लांट को अंदर से कमजोर कर भविष्य में निजीकरण का रास्ता तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर रही हैं। ऐसे में इस प्रकरण की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपने से भी निष्पक्ष परिणाम मिलने पर संदेह है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए डॉ. महंत ने कहा कि कुछ दिन पहले मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर मुख्यमंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। अब जब मामले में कार्रवाई हुई है तो सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
डॉ. महंत ने कहा कि भाजपा अक्सर अपनी विफलताओं के लिए देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आलोचना करती है, जबकि उनके समय में स्थापित सार्वजनिक उपक्रमों को कमजोर किया जा रहा है।




