नई दिल्ली, 02 अगस्त। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रविवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक युवक ने कथित तौर पर उन पर चप्पल फेंक दी। घटना के बाद मौजूद समर्थकों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पप्पू यादव संसद परिसर में उनके हालिया प्रदर्शन और उससे जुड़े विवाद पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनसे तीखे सवाल पूछने शुरू किए। शुरुआत में मामला केवल बहस तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते नारेबाजी शुरू हो गई और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।
स्थिति जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कुर्सियां तक फेंकी जाने लगीं। इसी बीच एक युवक ने कथित तौर पर पप्पू यादव की ओर चप्पल फेंक दी। घटना के तुरंत बाद उनके समर्थकों ने युवक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया। घटना के कारण कुछ समय तक कार्यक्रम बाधित रहा।
घटना के बाद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि उनके सरकारी आवास में घुसकर उन पर हमला किया गया और यह उनकी हत्या की साजिश का हिस्सा था। उन्होंने दावा किया कि हमलावर ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उसके पास चाकू भी था।
मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग खुलेआम उन्हें मारने और जलाने जैसी बातें कर रहे हैं तथा उनके सिर पर इनाम घोषित करने की भी बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद नहीं होते तो उनके साथ गंभीर घटना हो सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक दिन पहले उनके परिजनों को भी परेशान किया गया था।
सांसद ने दिल्ली पुलिस से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग दोहराते हुए कहा कि उन्हें लंबे समय से जान का खतरा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति खुद को साधु या संत कहता है तो वह हिंसा और हत्या जैसी बातें कैसे कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को पप्पू यादव ने संसद परिसर में गेरुआ वस्त्र पहनकर राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले को लेकर प्रदर्शन किया था। उनके इस प्रदर्शन की भाजपा सहित कई राजनीतिक दलों ने आलोचना की थी। उसी विवाद पर अपना पक्ष रखने के लिए उन्होंने रविवार को अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, जिसके दौरान यह हंगामा हो गया।




