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राहुल गांधी का अमित शाह पर बड़ा हमला, बोले- छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया, गृह मंत्री सामने आकर जवाब दें

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नई दिल्ली, 10 अगस्त। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर एक बार फिर तीखा हमला बोला। छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने गृह मंत्री से संसद में आकर जवाब देने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन और कील लगी लाठियों के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया।

     राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष पिछले करीब 15 दिनों से लगातार यह मांग उठा रहा है कि गृह मंत्री सदन में आकर पूरे मामले पर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करें। उनके मुताबिक, यदि अमित शाह ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह गृह मंत्रालय की गंभीर विफलता है।

      उन्होंने कहा कि देश ने देखा कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा से बच रही है। उन्होंने कहा कि अमित शाह में संसद में आकर विपक्ष के सामने जवाब देने की हिम्मत नहीं है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ही महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से बच रहे हैं।

खड़गे ने भी सरकार पर साधा निशाना

      कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी संसद में विपक्ष की मांगों को दोहराते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने के पहले दिन से ही विपक्ष ने अपनी मांगें मजबूती से रखी हैं।

      खड़गे ने कहा कि छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई, पैलेट गन के इस्तेमाल, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और लाठीचार्ज जैसे मुद्दों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष चाहता था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित होकर इस संबंध में जवाब दें, लेकिन कांग्रेस के अनुसार सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने दी।

     उन्होंने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा भी विपक्ष पहले से उठाता रहा है, लेकिन सरकार ने इस पर भी चर्चा के लिए पहल नहीं की। खड़गे के मुताबिक, विपक्ष लगातार दबाव बनाता रहा, लेकिन गृह मंत्री सदन में इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए सामने नहीं आए।

राम मंदिर से जुड़े आरोपों को लेकर भी सरकार को घेरा

     खड़गे ने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के ट्रस्ट की स्थापना और उसके सदस्यों के चयन की प्रक्रिया प्रधानमंत्री की ओर से की गई थी। ऐसे में मंदिर में हुई कथित चोरी की घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और पूरे मामले की जानकारी देश के सामने रखी जानी चाहिए।

     उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था राम मंदिर से जुड़ी है। ऐसे में वहां किसी बड़ी घटना के सामने आने पर प्रधानमंत्री की ओर से देश को स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। कांग्रेस ने इस मामले में प्रधानमंत्री से जनता के सामने माफी मांगने की मांग भी उठाई है।

तीन मुद्दों पर विपक्ष का सरकार पर दबाव

      कांग्रेस के अनुसार संसद में मौजूदा गतिरोध के केंद्र में मुख्य रूप से तीन मुद्दे हैं—छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और इस पर गृह मंत्री का जवाब, राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले में कार्रवाई एवं जवाबदेही और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग।

     कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार की चुप्पी के कारण विपक्ष लगातार संसद में अपनी आवाज उठा रहा है। राहुल गांधी भी इन मामलों को लगातार सार्वजनिक मंचों और संसद के बाहर उठाते रहे हैं। सोमवार को भी उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने और संबंधित मंत्रियों को सदन में आकर जवाब देने की मांग दोहराई।

    वहीं, सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को लेकर राजनीतिक गतिरोध के बीच चर्चा का रास्ता खोलने की कोशिश की गई है, लेकिन संसद में दोनों पक्षों के बीच टकराव जारी रहने से कार्यवाही प्रभावित हुई है।