होम छत्तीसगढ़ श्यामगिरी पहुंचकर शर्मा-कश्यप ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

श्यामगिरी पहुंचकर शर्मा-कश्यप ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

0

दंतेवाड़ा, 13 अगस्त।छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने तिरंगा यात्रा के दौरान गुरुवार को दंतेवाड़ा के श्यामगिरी पहुंचकर वर्ष 2019 में हुई नक्सली घटना के घटनास्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान स्थानीय लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और स्वर्गीय भीमा मंडावी के सहयोगियों ने उस घटना की भयावहता साझा की।

     मंत्री द्वय ने अरनपुर और श्यामगिरी में नक्सली घटनाओं में शहीद हुए 13 लोगों की स्मृति में पौधरोपण किया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और शहीद परिवारों से मुलाकात कर उन्हें मिल रही शासकीय सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान तत्कालीन दंतेवाड़ा विधायक स्वर्गीय भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी से मुलाकात के समय माहौल भावुक हो गया। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

     उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल हिंसा ने बस्तर में किसी न किसी रूप में हर परिवार को प्रभावित किया है। किसी ने मित्र, भाई, पिता, रिश्तेदार या अपने किसी करीबी को खोया है। उन्होंने नक्सल पीड़ितों के राष्ट्रपति भवन पहुंचने के दौरान एक बच्ची द्वारा सुनाई गई आपबीती का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सल हिंसा का दर्द कितना गहरा रहा है, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

     उन्होंने कहा कि तिरंगा फहराने के लिए बस्तर में लोगों ने लंबा संघर्ष किया और अनेक लोगों ने इसके लिए शहादत दी। आज बस्तर में लोग बिना किसी भय के तिरंगा फहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब भारत का संविधान देश के हर कोने में बिना किसी डर के लागू होगा।

     उपमुख्यमंत्री और वन मंत्री ने लोगों से अपने घरों पर तिरंगा लगाने तथा पड़ोसियों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, वे सोशल मीडिया के माध्यम से भी तिरंगे के प्रति सम्मान प्रदर्शित करें। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता जीत गई है और नक्सलवाद हार गया है। बस्तरवासियों के संकल्प ने नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का रास्ता तैयार किया है।

     ग्रामीणों की मांग पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नकुलनार-बचेली मार्ग का नामकरण शहीद भीमा मंडावी के नाम पर करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। उन्होंने इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने कलेक्टर को निर्देश दिए।

     इस अवसर पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। साथ ही घटनास्थल की मिट्टी को भी स्मृति के रूप में संग्रहित किया गया। कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, आईजी बस्तर बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

      उपमुख्यमंत्री ने बिहान समूह की महिलाओं से भी संवाद किया और उन्हें लघु वनोपज प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा छत्तीसकलाब्रांड के तहत बिहान समूहों के उत्पादों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने महिलाओं से इसका लाभ उठाने की अपील की।

      मंत्री द्वय ने राष्ट्रपति भवन जाकर सम्मानित हुईं बस्तर पंडुम विजेता अरनपुर की मांदरी दल की महिलाओं से भी मुलाकात की। बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आप दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मिली थीं, अब राष्ट्रपति भी आपके घर आकर बस्तर की चाय पीएंगी। इस पर महिलाओं ने कहा कि वे भी राष्ट्रपति के बस्तर आने की इच्छा रखती हैं और अपने हाथों से उन्हें भोजन कराना चाहती हैं।