रायपुर, 14 अगस्त। छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख ग्रीन स्टील हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पांचवें ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में इस्पात उत्पादन क्षमता को मौजूदा 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों और उद्योगपतियों से छत्तीसगढ़ में निवेश कर राज्य के औद्योगिक विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया।
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित दो दिवसीय समिट में सरकार और उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास, नीतिगत सुधार, निवेश की संभावनाओं तथा हरित और टिकाऊ औद्योगिक विकास पर विस्तार से चर्चा की।
खनिज, बिजली और कुशल मानव संसाधन छत्तीसगढ़ की ताकत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास ग्रीन स्टील के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनने के लिए आवश्यक सभी संसाधन मौजूद हैं। राज्य में प्रचुर खनिज संपदा, मजबूत औद्योगिक आधार, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, कुशल मानव संसाधन और निवेश अनुकूल नीतिगत वातावरण उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि भारत जहां वैश्विक इस्पात शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं नेट-जीरो के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र में हरित बदलाव भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ इस परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है और जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से कारोबार को आसान बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। औद्योगिक कॉरिडोर के विकास तथा निजी क्षेत्र के औद्योगिक पार्कों को अनुदान जैसी योजनाओं के माध्यम से आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने निवेशकों से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ में निवेश करें और एक हरित, मजबूत एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदार बनें।
13 औद्योगिक पार्क पूरे, सात परियोजनाओं पर काम जारी
छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि राज्य में अप्रैल 2025 से अब तक 13 औद्योगिक पार्कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि सात अन्य परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब क्षेत्र विशेष पर आधारित औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। नवा रायपुर में ऐसे विशेषीकृत औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। राजनांदगांव जिले में स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना भी राज्य के औद्योगिक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
अग्रवाल ने बताया कि कारोबार सुगमता को और बेहतर बनाने के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है। इससे उद्यमी कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना ऑनलाइन जमीन की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने, उसका सत्यापन करने और आवंटन के लिए आवेदन करने में सक्षम होंगे।
स्टील और सीमेंट से आगे विविध उद्योगों पर जोर
राज्य सरकार अब छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्टील और सीमेंट उद्योगों के साथ-साथ एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फार्मास्युटिकल जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य राज्य को केवल खनिज एवं इस्पात आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित न रखते हुए एक विविधीकृत विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना है।
CII के अध्यक्ष आर. मुकुंदन ने कहा कि छत्तीसगढ़ भारत की औद्योगिक महत्वाकांक्षा और सतत विकास की जरूरतों के महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। राज्य की खनिज संपदा, स्थापित इस्पात उद्योग और बढ़ती विनिर्माण क्षमता इसे उच्च मूल्य वाले, प्रतिस्पर्धी और स्वच्छ विनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देती है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के अगले चरण में केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि मजबूत सप्लाई चेन, स्वच्छ उत्पादन, अधिक मूल्य संवर्धन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करने होंगे। CII ने राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ विनिर्माण का मॉडल बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
छत्तीसगढ़ को स्टील पावरहाउस से विविधीकृत मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी
मुख्य सचिव विकास शील और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने कहा कि राज्य औद्योगिक विकास के अगले चरण की मजबूत नींव तैयार कर रहा है। छत्तीसगढ़ को स्टील पावरहाउस के साथ-साथ एक विविधीकृत विनिर्माण एवं निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रगतिशील औद्योगिक नीति, व्यापक सुधार, पर्याप्त बिजली, तैयार औद्योगिक आधारभूत ढांचा और कारोबार सुगमता से जुड़ी व्यवस्थाओं के कारण राज्य में उद्योगों के लिए निवेश, विस्तार और नवाचार का अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है।
निवेश के लिए उद्योग जगत को मिला आमंत्रण
समिट के दौरान राज्य सरकार और उद्योग जगत के बीच निवेश की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस अवसर पर विभिन्न निवेश प्रस्तावों से संबंधित लेटर ऑफ इंटेंट (निवेश आशय पत्र) का आदान-प्रदान भी किया गया। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में CSIDC के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्य सचिव विकास शील, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, CII ईस्टर्न रीजन की स्टील सब-कमेटी के चेयरमैन एवं गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ अग्रवाल, CII छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल के चेयरमैन एवं श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक बजरंग गोयल तथा CII ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर देव ज्योति सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




