
नई दिल्ली, 15 अगस्त। देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को संबोधित किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार युवाओं और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका पर विशेष जोर रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी स्किल्स की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही छात्रों को बेहतर तैयारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही।
श्री मोदी ने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में भारत के युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है। AI और नई तकनीकों से जुड़ा कौशल युवाओं के लिए रोजगार, स्टार्टअप और करियर के नए अवसर पैदा कर सकता है। उन्होंने युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्हें देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
Fortune 500 में भारत की 50 कंपनियों का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका को और मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आने वाले दशक में Fortune 500 की सूची में भारत की 50 कंपनियां क्यों नहीं हो सकतीं। उन्होंने वैश्विक बैंकिंग और फार्मा क्षेत्र में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाने तथा देश की कंपनियों को दुनिया की अग्रणी कंपनियों के बीच पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
उन्होने कहा कि भारत को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अपनी नीतियों और नियमों में बदलाव करना होगा। उन्होंने सुधारों की गति तेज करने पर जोर देते हुए कहा कि देश को समय के साथ आगे बढ़ने के लिए नीतिगत ढांचे को भी बदलती परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करना होगा।
नक्सलवाद पर भी प्रधानमंत्री का कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में देश आगे बढ़ा है, लेकिन वैचारिक स्तर पर युवाओं को भटकाने वाली ताकतों से भी सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे लोग अब भी अवसर की तलाश में हैं और देश को उन्हें पहचानने तथा उनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है।
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का विशेष अवसर
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होना रहा। सरकार ने इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
लाल किले के समारोह में युवाओं की भागीदारी भी विशेष रही। 2,500 NCC कैडेट और MY Bharat स्वयंसेवकों ने ज्ञान पथ पर ‘वंदे मातरम’ की आकृति बनाकर समारोह को विशेष स्वरूप दिया।
प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री का संबोधन मुख्य रूप से युवा शक्ति, तकनीकी कौशल, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सुधारों की गति और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर केंद्रित रहा। सरकार की ओर से युवाओं को AI जैसी उभरती तकनीकों से जोड़ने और डिजिटल शिक्षा के विस्तार की घोषणाओं को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश की प्रगति का नेतृत्व करने का आह्वान किया।



