हिंदू धर्म में नवरात्र का त्योहार बहुत शुभ माना जाता है। इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। भक्तजन देवी को प्रसन्न करने के लिए कई तरह की पूजा-अर्चना करते हैं, जिनमें से एक है उन्हें लौंग चढ़ाना।
क्या आपने कभी सोचा है कि पूजा में लौंग चढ़ाना जरूरी क्यों माना जाता है? आखिर क्यों माता दुर्गा लौंग से प्रसन्न होती हैं? क्या इससे पूजा का फल कई गुना ज्यादा मिलता है। आइए आपको बताते हैं शारदीय नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा को लौंग चढ़ाने के महत्व के बारे में।
ज्योतिष में लौंग के फायदे
लौंग को हिंदू धर्म में किसी भी पूजा-पाठ के लिए एक पवित्र सामग्री माना जाता है। पूजा की शुभता को बनाए रखने के लिए लौंग का इस्तेमाल होता है और जब लौंग को कपूर के साथ जलाया जाता है, तो इससे निकलने वाले धुंए से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। लौंग का इस्तेमाल मुख्य रूप से पूजा-पाठ और हवन में किया जाता है।
इनकी खुशबू किसी भी बुरी शक्ति को दूर करती है और सकारात्मकता बढ़ाती है। माना जाता है कि माता दुर्गा को लौंग चढ़ाने से भक्तों को उनका आशीर्वाद मिलता है।
शारदीय नवरात्र में माता दुर्गा को लौंग क्यों चढ़ाते हैं?
ज्योतिष के अनुसार नवरात्र के नौ दिनों में लौंग का इस्तेमाल बहुत शुभ माना जाता है। अपने रंग और गुणों की वजह से ये मसाला शनि और बुध का मसाला माना जाता है। वहीं लौंग का काला रंग शनि की ऊर्जा को नियंत्रित करता है। इसकी खुशबू बुध को मजबूत करती है और माता दुर्गा का सीधा आशीर्वाद पाने में मदद करती है।
नवरात्र में माता दुर्गा की पूजा में इसका ज्यादा इस्तेमाल करने से नौ दिनों में घर की समृद्धि बनी रहती है और इसका प्रभाव पूरे साल नजर आता है।
नवरात्र में लौंग चढ़ाने के फायदे
लौंग की खुशबू माहौल को शुद्ध करती है और बुरी ताकतों को दूर भगाती है। माता दुर्गा को लौंग चढ़ाने से आर्थिक स्थिति मज़बूत होती है और समृद्धि बनी रहती है।
लौंग में औषधीय गुण मौजूद होते हैं और माना जाता है कि इसे चढ़ाने से बीमारियों से निकलने में मदद मिलती है। इसके साथ ही, माना जाता है कि माता दुर्गा को लौंग चढ़ाने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन में शांति व खुशहाली आती है। लौंग को बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाने वाली सामग्री के रूप में देखा जाता है।




