लखनऊ, 20 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद से भाजपा विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की पत्नी जयदेवी कौशल ने काकोरी स्थित शीतला देवी मंदिर के जीर्णोद्धार समारोह के दौरान पूजा और आरती नहीं करने देने का आरोप लगाया है। विधायक ने इसे अपने साथ भेदभाव बताते हुए कहा कि उनके पासी समाज से होने के कारण ऐसा किया गया और इसके पीछे एक साजिश हो सकती है।
जयदेवी कौशल के मुताबिक, शीतला देवी मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए उन्होंने 76 लाख रुपये की धनराशि मंजूर कराई थी। बुधवार को वह मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में पूजा करने पहुंची थीं। उनके साथ चेयरमैन, पार्षद और मंडल अध्यक्ष भी मौजूद थे। उनका आरोप है कि पूजा का समय आने पर उन्हें पूजा नहीं करने दी गई और आरती से भी दूर रखा गया।
विधायक ने कहा कि जब मंदिर में पूजा चल रही थी, तब वह चुपचाप खड़ी रहीं। इस दौरान कुछ लोगों ने यह भी कहा कि विधायक होने के नाते उनसे पूजा कराई जानी चाहिए, क्योंकि मंदिर के लिए धनराशि उन्होंने मंजूर कराई है। इसके बावजूद उन्हें पूजा और आरती में शामिल होने का अवसर नहीं दिया गया।
जयदेवी कौशल ने कहा कि वह दो बार की विधायक हैं और केंद्र तथा राज्य में उनकी पार्टी की सरकार है, इसके बावजूद उनके साथ इस तरह का भेदभाव होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विवाद खड़ा नहीं किया और बाद में दूसरे स्थान पर आयोजित पूजा में शामिल होने के लिए वहां से चली गईं।
विधायक ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एक साजिश चल रही है और पासी समाज से होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद कई लोगों ने फोन कर पूरे मामले की जानकारी ली, जिस पर उन्होंने उन्हें वही बताया जो उनके साथ हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस मामले में उनसे बात करने के लिए कोई आएगा तो वह अपनी बात रखने के लिए तैयार हैं।
इस मामले पर विधायक के पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि पासी समाज ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए कुर्बानियां दी हैं और उत्पीड़न भी झेला है। उन्होंने आरोप लगाया कि काकोरी के शीतला माता मंदिर में पूर्व निर्धारित जीर्णोद्धार भूमि पूजन से विधायक जयदेवी कौशल को एक साजिश के तहत रोककर अपमानित किया गया।
कौशल किशोर ने इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।




