भावनगर, 20 अगस्त। गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक सात लोगों की मौत हो गई है, जबकि 25 से 28 लोग अस्पताल में उपचाराधीन हैं। मामले में लापरवाही के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने नकली शराब बनाने और बेचने के आरोप में 21 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
भावनगर के पुलिस अधीक्षक नितेश पांडे ने बताया कि जहरीली शराब पीने वाले 25 से 28 लोगों का उपचार चल रहा है। घटना के सिलसिले में 19 अगस्त को वरतेज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि शराब मध्य प्रदेश के उज्जैन से भावनगर लाई जाती थी। इसके बाद भावनगर और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करने से पहले उसमें मिलावट की जाती थी। जब्त की गई शराब की बोतलों पर एक कंपनी का लेबल भी लगा हुआ था। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में अलग-अलग लोग शराब की मिलावट और बिक्री में शामिल थे।
जांच के दौरान जब्त की गई रॉयल स्टेज ब्रांड की बोतल में बड़ी मात्रा में मेथेनॉल पाया गया। एफआईआर में दर्ज रासायनिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, शराब में 38.59 प्रतिशत मेथेनॉल और 0.94 प्रतिशत इथेनॉल मिला था।
पुलिस अब इस अवैध शराब के पूरे आपूर्ति नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि शराब उज्जैन से भावनगर तक कैसे पहुंचाई जाती थी, किन लोगों के माध्यम से इसकी सप्लाई होती थी और मिलावट के बाद इसे किन माध्यमों से लोगों तक पहुंचाया गया।
गुजरात में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद जहरीली शराब की इस घटना ने अवैध शराब के कारोबार और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।




