रायपुर, 22 अगस्त। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश देते हुए कहा है कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। मामले में तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रश्नपत्र के प्रसारण की कड़ी का पता लगाने के लिए पुलिस के साथ साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है।
जानकारी के अनुसार बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित होनी थी। इसमें प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी शामिल होने वाले थे। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। अब यह परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।
जांच समिति सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र का परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले मूल प्रश्नपत्र से मिलान करेगी। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर आया और किन माध्यमों से प्रसारित हुआ। पुलिस और साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच करेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। विद्यार्थियों की मेहनत और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और दोषियों की जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।




