होम खास ख़बर खड़गे का पलटवार: वंदे मातरम् के दो अंतरे गाने का फैसला किया...

खड़गे का पलटवार: वंदे मातरम् के दो अंतरे गाने का फैसला किया था राष्ट्र नेताओं ने

0

नई दिल्ली, 22 अगस्त। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो अंतरे गाने के कांग्रेस के फैसले को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस वही संस्करण गाती है, जिसे महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे राष्ट्रीय नेताओं ने स्वीकार किया था।

       श्री खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस के फैसले को राष्ट्रविरोधी बताया था। खड़गे ने सवाल किया कि यदि दो अंतरे गाने का निर्णय राष्ट्रविरोधी है, तो यह फैसला करने वाले राष्ट्रीय नेता भी क्या राष्ट्रविरोधी थे?

      पत्रकारों से बातचीत में श्री खड़गे ने कहा कि इतिहास पढ़ने पर स्पष्ट हो जाता है कि वंदे मातरम् के अंतरों की संख्या को लेकर तत्कालीन राष्ट्रीय नेताओं ने विचार-विमर्श किया था। उन्होंने दावा किया कि पंडित नेहरू, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और सरदार वल्लभभाई पटेल सहित नेताओं ने वंदे मातरम् के छह अंतरों में से दो अंतरे गाने का निर्णय लिया था और इसे देश के लिए बेहतर माना था।

     उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले करीब 90 वर्षों से इसी संस्करण को गाती आ रही है और इतने लंबे समय तक इस पर कोई विवाद नहीं हुआ। खड़गे ने सवाल किया कि यदि इतने वर्षों से इस व्यवस्था में कोई समस्या नहीं थी, तो अचानक इस मुद्दे को क्यों उठाया जा रहा है।

     श्री खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार को सत्ता में आए करीब 11-12 वर्ष हो चुके हैं और कई राज्यों में भी भाजपा की सरकारें हैं। इसके बावजूद इतने वर्षों तक इस विषय पर कोई पहल क्यों नहीं की गई।

      कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब भी भाजपा को राजनीतिक मुद्दे की जरूरत महसूस होती है, वह नए मुद्दे सामने ले आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् जैसे संवेदनशील विषय को लेकर देश में ध्रुवीकरण की राजनीति की जा रही है, जो देशहित में नहीं है।

श्री खड़गे ने कहा कि देश किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल से बड़ा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल और नेता रहेंगे या नहीं रहेंगे, लेकिन देश स्थायी है। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा को सभी की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि कांग्रेस देश की एकता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।